रायपुर : राजधानी में ऑटो चालक यातायात के नियमों को ताक पर रखकर ऑटो का संचालन कर रहे हैं। ऑटो चालकों के हौसले इतने बुलंद है कि यातायात पुलिस के सामने क्षमता से अधिक सवारी भरते हैं। यातायात पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है। ऑटो चालकों की वजह से राजधानी के फाफाडीह, गोलबाजार, जयस्तंभ चौक, घड़ी चौक, और कालीबाड़ी में अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इस कारण सड़क पर चलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को रायपुर यातायात पुलिस गांधीगिरी दिखाते हुए रायपुर रेलवे स्टेशन पर ऑटो चालकों को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए शपथ दिलाई। रायपुर स्टेशन पर शुक्रवार की दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे सवारी के इंतजार में ऑटो चालक खड़े थे। इसी बीच फाफाडीह यातायात प्रभारी अजय कुमार खेत अपने दलबल के साथ रायपुर स्टेशन पर बने ट्रैफिक बूथ पर पहुंच गए। उनको देखते ही ऑटो चालक कार्रवाई की आशंका को लेकर रफू चक्कर होने लगे। यातायात प्रभारी ऑटो चालकों को रफू चक्कर होते देख उनको रोककर बताया कि कार्रवाई नहीं करेंगे। आज ऑटो चालकों को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए शपथ दिलाई जाएगी। शपथ दिलाने के बाद यदि ऑटो चालक यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शपथ ग्रहण के दौरान करीब तीन दर्जन ऑटो चालक मौजूद थे।
ऑटो चालकों को दिलाई शपथ
यातायात प्रभारी अजय कुमार खेत ने ऑटो चालकों को शपथ दिलाया कि वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने से बचें। ऑटो चालक ड्रेस पहनकर ही आटो चलाएं। सवारी लेने के चक्कर में कहीं भी गाड़ी में ब्रेक न लगाएं। इसके साथ ही जिन ऑटो चालकों का यदि ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बना है वो तत्काल बनवा लें। सड़क पर ऑटो खड़ा कर सवारी न भरें। इसके साथ ही यदि ऑटो चालकों को शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाना चाहिए। शराब पीकर यदि गाड़ी चलाते हैं तो मौत को बुलावा देना है। शराब पीकर गाड़ी चलाना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने ट्रैफिक के नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि रोड पर चलते समय नियम का पालन करें अपना जीवन सुरक्षित रखें आदि।
ऑटो चालक बिगाड़ रहे ट्रैफिक की चाल
राजधानी में वर्तमान में 10 हजार शहरी पांच हजार ग्रामीण और चार हजार ई रिक्शा संचालित हो रहे हैं। शहर के फाफाडीह, घड़ी चौक, शारदा चौक, जय स्तंभ चौक, कालीबाड़ी, आंबेडकर चौक पर रिक्शों का जमावड़ा शाम और सुबह दस बजे के बाद को अधिक होता है, इसी समय लोग घर से बाहर निकलते हैं या फिर लोग कार्यालय जाते है तो वहीं शाम को कार्यालय से वापस अपने घर लौटते हैं। ऐसे समय में वाहनों का दबाव हमेशा बना रहता है। ऐसे में ऑटो चालक कहीं भी रिक्शा खड़ा कर सवारी भरने लगते हैं। इस वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम की नौबत आ जाती है।
ऑटो चालक नहीं करते परवाह
आटो के सड़क पर खड़े होने से बेशक ट्रैफिक जाम होता रहे, लेकिन उनको इसकी परवाह नहीं। आटो चालक अपनी मर्जी से शहर में कहीं भी आटो खड़े कर देते हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था बदहाल होती है। चलते समय कहीं पर भी सवारी दिखने पर अचानक ही ब्रेक लगा देते हैं। इस कारण ऑटो चालक के पीछे चलने वाले वाहन दुर्घटना का शिकार भी हो जाते हैं।
वर्जन
स्टेशन पर ऑटो चालकों को नियम ना तोड़ने तथा सड़क पर गाड़ी खड़ी कर सवारी बैठाने को लेकर शपथ दिलाई गई है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
– सतीश सिंह ठाकुर, डीएसपी यातायात

