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परम्परागत बिजली विहीन क्षेत्रों में भी सोलर ड्यूल पम्प से पेयजल संकट हुआ दूर

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  • क्रेडा द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए 424 सोलर ड्यूल पम्प

नरेश राखेचा/धमतरी : धमतरी जिले के वनांचल नगरी के ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सोलर ड्यूल पम्प के जरिए साफ पानी मुहैय्या कराई जा रही है। इनमें आमाबहार, लिलांज, फरसगांव, मुंहकोट, गाताबाहरा, आमझर, खल्लारी, एकावरी, चमेदा, करही, मादागिरी, संदबहरा, रिसगांव, जोरातराई इत्यादि गांव शामिल हैं। इन सोलर ड्यूल पम्पों के जरिए ग्रामीणों को चौबीसों घंटे पीने का साफ पानी मिल रहा है। सोलर ड्यूल पम्प दिन में ऊर्जा का उपयोग करने और एक ओवरहेड टैंक में पानी को इकट्ठा करता है, जो पूरे दिन चलता है। अच्छी बात यह है कि सूरज की रोशनी उपलब्ध नहीं होने पर यह संयंत्र एक सामान्य हैंड पम्प के रूप में भी काम करता है। गौरतलब है कि धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 424 सोलर ड्यूल पम्प संयंत्रों की स्थापना क्रेडा द्वारा की गई है। ऐसे कई पिछड़े और अंदरूनी गांव हैं, जहां बिजली खंबे नहीं पहुंच पाए। इस वजह से लोगों को पीने के पानी की दिक्कत होती थी। अब सौर ऊर्जा आधारित टंकी लगने से गांव की मूलभूत पीने के पानी की समस्या का हल निकला, वहीं दुर्गम इलाके में सूरज की रोशन से लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। सहायक अभियंता, क्रेडा श्री कमल पुरैना ने बताया कि हर सोलर ड्यूल पम्प संयंत्र में पांच साल की वारंटी रहती है। वारंटी खत्म होने के बाद भी कई सालों तक यह पम्प सामान्य तौर पर चलता रहता है। क्रेडा के मैदानी अमले द्वारा लगातार इन संयंत्रों पर निगाह रखी जाती है और रखरखाव का कार्य किया जाता है, ताकि ये संयंत्र हमेशा बिना रूके चलते रहें।

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