- पत्रकार पर लगाया छेड़छाड़ का इल्जाम
किरीत ठक्कर/गरियाबंद। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी मांगे जाने से बौखलाई महिला स्वास्थ्य कर्मी ने सरेआम गुंडागिरी करते पत्रकार व आरटीआई कार्यकर्ता से मारपीट करते हुए थाने में पहुँच छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया। घटना दिनांक 31 जुलाई की है जब नगर के वरिष्ठ पत्रकार व आरटीआई कार्यकर्ता किरीट ठक्कर , प्रवीण इलेक्ट्रॉनिक्स नामक दुकान पर कुछ सामान खरीदने पहुंचे थे , उस वक्त पहले से वहां मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्ता सुरेखा तिवारी ने किरीट ठक्कर को वहां देखते ही तू मेरे खिलाफ सूचना का अधिकार क्यो लगाता है हरामी , कहते हुये कालर पकड़ लिया पश्चात झूमा झटकी करते हुये अपने पति ज्ञानेश्वर तिवारी और अपने दो लड़कों को बुलाकर किरीट ठक्कर के साथ मारपीट की गई , किरीट ठक्कर की रिपोर्ट पर थाना सीटी कोतवाली में चारों के विरुद्ध धारा 294 323 506 34 दर्ज किया गया है।
दरअसल क्या है मामला
वर्ष 2018 में सुरेखा तिवारी के पति ज्ञानेश्वर प्रसाद तिवारी द्वारा झूठी जानकारी व फर्जी शपथ पत्र देते हुये नगर पालिका परिषद से वार्ड नं 13 में अपने नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान पास करा लिया और किसी गरीब हितग्राही का हक मारते हुये शासन को 2 लाख रुपये से भी अधिक का चूना लगाया गया। सूचना का अधिकार के तहत इस फर्जी क्रियाकलाप के सत्यपित दस्तावेज किरीट ठक्कर ने पहले ही प्राप्त कर लिये है।
पत्नी के शासकीय कर्मी होने की बात छुपाकर ज्ञानेश्वर प्रसाद तिवारी द्वारा प्रशासन के साथ धोखाधड़ी की गई। किरीट ठक्कर द्वारा सुरेखा तिवारी के शासकीय कर्मी नियुक्ति के संबंध में सूचना का अधिकार के तहत प्रमाणित दस्तावेज जुटाये जा रहे थे , इस संबंध में दिसम्बर 2020 में में ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया था और काफ़ी लंबे अर्से तक लंबित प्रथम अपीलीय कार्यवाही के बाद द्वितीय अपील छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में जून 2021 में पंजीबद्ध किया गया है।
अवैध वसूली बंद होने से त्रस्त
सुरेखा तिवारी के पति ज्ञानेश्वर तिवारी द्वारा जिला मुख्यालय के नजदीक मालगांव पैरी नदी रेत खदान को स्वयं के नाम एलाटेड बताकर प्रति ट्रेक्टर अवैध रेत परिवहन का 200 रु की वसूली की जा रही थी , दिन भर में लगभग 5 से 7 हजार का मुफ्त कारोबार था जिसकी शिकायत कलेक्टर , जिला खनिज अधिकारी सहित अनुविभागीय अधिकारी से किरीट ठक्कर व अन्य अनेक पत्रकारों द्वारा सम्मिलित रूप से की गई थी , साथ ही प्रदेश के लोकप्रिय समाचार पत्रों में खबर का प्रकाशन भी किया गया था।
अवैध रेत उत्खनन परिवहन के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर नगर के गांधी मैदान में पत्रकार संघठन द्वारा 5 जुलाई से एक सप्ताह तक धरना भी किया गया था , जिसमें पत्रकार किरीट ठक्कर भी सम्मिलित रहे थे , जिसके बाद कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर के निर्देश पर जिला अंतर्गत तीन से अधिक अवैध संचालित रेत खदानों में बड़ी कार्यवाही की गई और चैन मोंटिंग मशीनों को सील किया गया।
इस तरह तिवारी दंपत्ति की अवैध वसूली बंद हो गई , जिसका बदला लेने के लिये पत्रकार के ऊपर छेड़छाड़ का फर्जी आरोप लगाया गया।

