नरेश राखेचा/धमतरी : विधायक रंजना डीपेंद्र साहू ने वर्षा काल के फसल के लिए सरकारी समितियों के माध्यम से प्रमाणित बीज की जो आपूर्ति नहीं हो सकी, तत्पश्चात किसानों द्वारा प्राइवेट संस्थानों से बीज की खेती अधिक दामों पर लिए जाने पर रोष व्यक्त करते हुए कहां है कि अब जब बुवाई पद्धति से फसल तैयार हो रही है तथा रोपाई भी चालू हो गया है ऐसे में खाद के कृत्रिम संकट उत्पन्न कर अन्य लोगों को लाभान्वित किया जाना कृत्रिम संकट उत्पन्न कर प्रतीत हो रहा है। विधायक श्रीमती साहू ने कहां है कि विभिन्न सहकारी समितियों में उठाव से पूर्व ही डीएपी खाद खत्म हो चुका है, यूरिया का अभाव भी बना हुआ है, 1400 रूपये की डीएपी बाजार में 1900 रुपए में मिल रही है। श्रीमती साहू ने आगे कहा है कि खाद के मामले में अविलंब यदि किसानों को राहत नहीं प्रदान की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से किसानों के साथ इसका विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे।
प्रमाणित बीज के बाद, खाद का कृत्रिम संकट उत्पन्न कर रही है सरकार: रँजना साहू

