आफताब आलम/बलरामपुर : बच्ची अपनी दुसरी मां से तंग आकर घर से निकल गई थी और अंबिकापुर की बस में सवार हो गई थी तभी एक महिला आशा शुक्ला ने बच्ची की आपबीती सुनकर उसे सकुशल गायत्री चेतना केंद्र पहुंचाया। बलरामपुर जिले के पुलिस चौकी वाड्रफनगर क्षेत्र कि 15 वर्षीय बच्ची अपनी दूसरी मां से तंग आकर बिना बताए घर से निकल गई थी और अंबिकापुर की ओर जाने के लिए बस में एक बैग लिए सवार हो गई। जिससे बच्ची के पिता द्वारा वाड्रफनगर चौकी आकर 2 जुलाई को बच्ची के गुम होने की खबर दी थी।
वही सूरजपुर जिले के प्रतापपुर की रहने वाली आशा शुक्ला बस से अंबिकापुर जा रही थी उस दौरान बस में बच्ची से मुलाकात हो गई पूछे जाने पर बच्ची के द्वारा कुछ भी काम दिलाने की बात कही और बदले में खाना और रहने लिए भावूक होकर कहा तो उसकी आपबीती बातों को सुन आशा शुक्ला द्वारा भैंसामुंडा स्थित हरिहरपुर गायत्री चेतना केंद्र बच्ची को लेकर पहुंची जहां गायत्री परिवार के वरिष्ठ जनों को इस बात की जानकारी दी।
गायत्री चेतना केंद्र ने बच्ची के परिजनों से संपर्क करना किए शुरू, पुलिस से मांगी मदद
बच्ची को सुरक्षित रखते हुए बच्ची के परिजनों से संपर्क साधना शुरू किए अंततः गायत्री चेतना केंद्र से सभी सदस्य बच्ची को लेकर वाड्रफनगर पुलिस चौकी पहुंचे वही चौकी प्रभारी द्वारा बच्ची के पिता को इस बात की सूचना दी जिस पर बच्ची के पिता द्वारा वहां पहुंच अपनी बिटिया की बातें सुनी और कहा कि आइंदा ऐसे कोई बातें नहीं होगी सभी के समझाइश के बाद बच्ची और उसके पिता घर वापस लौटने की तैयारी कर रहे थे.
इसी बीच पुलिस ने गायत्री परिवार के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया वही बच्ची के पिता द्वारा भी दुख व्यक्त करते हुए उनसे क्षमा याचना और धन्यवाद के साथ भरोसा देते हुए कहा कि दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी और बच्ची को जतन के साथ पालेगा।गायत्री चेतना परिवार के सदस्यों में शैलेंद्र सिंह, अभय तिवारी, श्रवण कुमार मिश्रा, डीपी गुप्ता, श्रीमती आशा शुक्ला बच्ची को साथ लेकर पुलिस चौकी वाड्रफनगर पहुंचे थे।

