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पंडो जनजाति के 8 लोगों को पेड़ से बांध कर पीटा दबंगो ने, वीडियो वायरल होने के बाद 10 गिरफ्तार

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  • छत्तीसगढ़: मछली चोरी के आरोप में पंडो जनजाति के 8 लोगों को पेड़ से बांध कर पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद 10 गिरफ्तार
  • मछली चोरी के आरोपों में की गई पिटाई

आफताब आलम/बलरामपुर : बलरामपुर जिले के चेरा गाँव में 8 लोगों को एक पेड़ से बांध कर पीटने का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों ने इनकी पिटाई तालाब से मछली चोरी के आरोपों के बाद की है. जिन लोगों की पिटाई की गई है वह विशेष रूप से कमजोर पंडो जनजातीय समूह से आते हैं.घटना 16 जून को गांव में पंचायत से पहले हुई. लेकिन डर के कारण पीड़ितों ने पुलिस को मामले की सूचना देने की हिम्मत नहीं जुटाई. इस दौरान घटना का वीडियो भी बना लिया गया. जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया तो पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की.हमारे प्रतिनिधि से बात करते हुए, एडिशनल एसपी प्रशांत कतलाम ने कहा कि घटना बलरामपुर जिले के चेरा गांव की है. यह गांव उत्तर प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा के करीब है. पीड़ितों की उम्र 15-35 साल के बीच है. सभी पीड़ित भारत के सबसे कमजोर स्वदेशी समुदाय पंडो जनजाति से हैं.

मछली चुराने का लगा आरोप
पीड़ितों को गांव के कुछ दबंगों ने उठा लिया और पंचायत के सामने पेश किया. पीड़ितों पर गांव के एक तालाब से मछलियां चुराने का आरोप लगाया गया था. पंचायत में कहा गया कि यहां मछली पकड़ने पर प्रतिबंध है. पंचायत में फैसला हुआ कि ये सभी सरपंच के पति को 35,000 रुपये का जुर्माना देंगे. लेकिन पंचायत के फैसला सुनाने से पहले पीड़ितों को पेड़ से बांधा गया, उन्हें लात घूसों समेत डंडों से मारा गया और अपशब्द भी कहे गए.

वीडियो वायरल होने के बाद हुई जानकारी
दिन भर युवकों को बंधक बनाए रखा गए और रात में उन्हें घर जाने के लिए छोड़ा गया. पीड़ितों ने यह फैसला किया था कि वह घटना के बाद चुप रहेंगे और पुलिस में इस बारे में कोई शिकायत नहीं करेंगे. लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद घटना सभी के सामने आ गई.

पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए गांव का दौरा किया. एडिशन एसपी ने कहा कि घटना के वीडियो के आधार पर और गांव में लोगों से बातचीत करने के बाद सरपंच के पति सत्यम यादव समेत 10 लोगों को अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम और आईपीसी की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है. जिन्होंने पीड़ितों की पिटाई की है वह अवैध रूप से मछली के व्यापार से जुड़े हैं.

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