संतोष ठाकुर/तखतपुर l विश्व योगा माह के दौरान 1 जून से 14 जून तक सूर्य नमस्कार का ऑनलाईन अभ्यास ज़ूम मीटिंग के द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों द्वारा कराया गया और 15 जून को सुबह 6:30 बजे से पूरे देश से जुड़े 55 प्रतिभागियों द्वारा 108 बार सूर्य नमस्कार का चैलेंज पूरा किया गया। कार्यकम को संबोधित करते हुए प्रशिक्षक अंशुला सैनी ने बताया कि सूर्य नमस्कार सभी योगासनों में से सर्वश्रेष्ठ माना गया है। सूर्य नमस्कार करने से मोटापा दूर होता है, मन की एकाग्रता बढ़ती है, शरीर में लचीलापन आता है, पेट ठीक रहता है, सुंदरता में निखार आता है तथा शरीर की खराब मुद्रा भी ठीक हो जाती है। सूर्य नमस्कार करते वक्त 12 आसन किए जाते हैं, जिससे शरीर के हर अंग पर असर पड़ता है। प्रशिक्षक मनीष सोनी ने सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका, फायदे और सावधानियां बताते हुए कहा कि सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। इसी कारण प्राचीन ऋषि-मुनि सूर्य की पूजा-अर्चना करते थे। ‘सूर्य नमस्कार’ का मतलब है सूर्य को नमन करना यानि सन सेल्यूटेशन। अगर आप योग की शुरुआत कर रहे हैं तो इसके लिए ‘सूर्य नमस्कार’ का अभ्यास सबसे बेहतर है। यह आपको एक साथ 12 योगासनों का फायदा देता है और इसीलिए इसे सर्वश्रेष्ठ योगासन भी कहा जाता है आमतौर पर इसका अभ्यास सुबह खाली पेट किया जाता है।सभी प्रतिभगियों ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि इतने सरल तरीके से प्रशिक्षकों ने यह कराया कि पता ही नहीं चला कब 108 बार सूर्य नमस्कार पूर्ण कर लिए । इस महत्वपूर्ण आयोजन और योग से जोड़ने के लिए सभी ने आयोजको का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम को बिलासपुर जिले के आर्ट आफ लिविंग प्रशिक्षक, अंशुला सैनी, मनीष सोनी ,राधिका आडवाणी , और संदीप वझे ने संचालित किया । इस चुनौती में तखतपुर से संजय बंसल,अतुल गुप्ता,अश्वनी गुप्ता, ध्रुव तम्बोली, मदन मोहन तम्बोली, राजेन्द्र तम्बोली और महेश तम्बोली सहित देश भर से अन्य प्रतिभाग शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्साहवर्धन और मार्गदर्शन देने के लिए आर्ट आफ लिविंग के सीनियर प्रशिक्षक किरण पॉल चावंला उपस्थित थे।
108 बार सूर्य नमस्कार की चुनौती पूर्ण की

