महेन्द सिंह/पाण्डुका /नवापारा राजिम/ रायपुर : पीड़ित मानवता के सेवा जहा पर भी ये आवाज आती है मुझे मदद की आवश्यकता है वहा ऐसे ऐसे मदद के लिये हाथ बढ़ते है कि देखकर मन भाव विभोर हो उठता है जिसमें क्या आम क्या खास अपनी पुरी ताकत लगा देते है मदद करने के लिये यही वास्तविकता है समाज का नव निर्माण है यही भागवत गीता , रामायण , बाईबील , कुराण , गुरू ग्रन्थ साहब का संदेश है।
बहादूर बेटी की अपील- श्रीमती जयंती ठाकुर उम्र 55 वर्ष इनके पति का नाम भागवत सिंह ग्राम सोनामगर ,नगरी जिला धमतरी छ.ग. के रहने वाले अति साधारण परिस्थिति और अचानक जयंती ठाकुर को कोरोना ने दबोच लिया और साथ में अन्य भंयकर तकलीफे भी शुरू हो गई जिसे देखकर परिवार वाले घबरा गये। भागवत सिंह की बड़ी बेटी श्रीमती किरण ठाकुर जो शादी के बाद परिवार के साथ दंतेवाड़ा में रहती है मां को गंभीर अवस्था में देख तत्काल सोना मगर पहुचकर जगदलपुर , धमतरी सभी अस्पतालो में लेकर गई लेकिन डाक्टर्स ने हाथ खड़े कर दिये मजबूरी मे रायपुर के रामकृष्ण केयर आस्पताल लाना पड़ा 16 मई 2021 से 27 मई 2021 तक ईलाज चला जिसमें इन्होने अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी लेकिन माता को कोरोना के साथ किडनी मंे पस भरने के कारण बहुत नाजुक स्थति थी बेटी ने हार नही माना और छ.ग. वाॅच ब्युरो प्रमुख महेन्द्र सिंह ठाकुर से मदद की अपील की छ.ग. वाॅच प्रमुख ने सर्व क्षत्रिय समाज सं लेकर सभी लोगो से मदद की गुहार लगाई और यहा पर ऐसे ऐसे मददगार आये जिनके बारे में कहा जा सकता है साक्षात ईश्वर का अवतरण हो गया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा महिला राज्य ईकाइ का बेहद प्रशंसनीय योगदान- अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरागंना गु्रप छ.ग. राज्य की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती नीतू अमित सिंह ने संगठन की ओर से तत्का 5101 पांच हजार एक सौ एक रूपये की मदद भिजवाई और मरीज के साथ वहा देखरेख कर रही किरण ठाकुर और उनके परिजनो के लिये अपनी देखरेख मे सुबह शाम गरमा गरम खाना अस्पताल में लगातार लगभग 14 दिनो तक भिजवाती रही जबकि कोरोना काल में लोग मरीज से दूर परिजनो से भी मिलने से कतराते है।
रविन्द्र सिंह दानवीर के साथ ब्लड दाता भी बने- छ.ग.के प्रसिद्ध समाज सेवी और उद्योगपति रविन्द्र सिंह को जैसे ही मदद की खबर लगी उन्होने भी तत्काल 5101 पांच हजार एक सौ एक रूपये मदद की इसके साथ ईलाज के बीच में मरीज को 2 युनिट ब्लड की अर्जेंट जरूरत पड़ी छ.ग. वाॅच ब्युरो प्रमुख महेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपने बड़े बेटे अभिषेेक सिंह जो डेंटर कालेज के द्वितीय वर्ष का छात्र है उनकी सलाह के अनुसार अस्पताल प्रबंधन से ब्लड एक्सचंेज की बात कर तत्काल रविन्द्र सिंह से अनुरोध किया और रविन्द्र सिंह ने अपने सेवा गु्रप के सदस्य भगत सिंह की मदद से ब्लड की व्यवस्था करवाई।
नन्हा भामाशाह आदित्यराजे सिंह ईश्वर की कृपा से बच्चो में प्रतिभा जन्म से दिखने लगती है रायपुर पाॅश कालोनी ग्रीन सफायर के रहने वाले सिंह दम्पति अखिलेश सिंह एंव श्रीमती नम्रता सिंह के बेटे आदित्यराजे सिंह ने दादा दादी के 50वी शादी ेके वर्षगांठ के अवसर पर सैकड़ो गरीबो को खाना खिलाने और पूजा पाठ के साथ अस्पताल मे भर्ती जयंती ठाकुर के लिये अपनी मम्मी-पापा से अधिकत्म राशि देेने की जिद करते हुये 10000 दस हजार रूपये नगद दिलवाये ऐसा नन्हा भामाशाह बने आदित्यराजे सिंह
सतत मदद जारी रही- दुसरे प्र्रदेश से भी मदद आई- हमारे देश में प्राचीन काल से मदद की परम्परा आज भी जारी है श्रीमती जयंती ठाकुुर के साथ उनकी बेटी श्रीमती किरण ठाकुर 5 वर्ष पूर्व गंभीर रूप से बीमार अपनी पिता को भी अकेले दम ईलाज करवा के मौत के मुह से निकाल लाई थी लेकिन इनकी माता की तबीयत जादा खराब थी और यहा जादा मदद की आवश्यकता है। मदद की अपीले जारी रही परिणाम यह हुआ छत्तीसगढ़ के साथ दुसरे राज्यो से मदद आई जिसमें 1000 एक हजार रू. गौर जी केन्द्रीय सहकारी बैंक रायपुर के अधिकारी , 1000 एक हजार रू. विरेन्द्र सिंह सब इंजिनियर पी एच ई रायगढ़ , 2000 दो हजार रू. तुलेश सिंह राजपूत धवलपुर जिला गरियाबंद , 1500 एक हजार पांच सौ रू. बैस जी मुकुट नगर रायपुर , 500 पांच सौ रू. विरेन्द्र सिंह राजपूत धवलपुर जिला गरियाबंद , 500 पांच सौ रू. संजय सिंह राजपूत धवलपुर जिला गरिाबंद , 500 पांच सौ रू़. अभिषेक सिंह नवापारा राजिम , 500 पांच सौ रू. ओमप्रकाश गटकरे प्रशासनिक अधिकारी भारतीय जीवन बीमा निगम मंडल कार्यालय रायपुर , 2000 दो हजार रू. लाला बृजेश सिंह प्रोप्राईटर अशोक लीलैंड बादा उ.प्र. , 500 बृजेश सिंह लोेेेेहारी जिला बांदा उ.प्र. जो बेहद प्रशंसनीय रहें।
राकेश सिंह बैस का अतुलनीय योगदान- अस्पताल की खर्च आज आम इ्रसान के बुते से बाहर है इतनी मदद के बावजूद बिल भरने के लिये आर्थिक संकट खड़ी हुई जिसमें छ.ग. राज्य इंटक मजदूर संघ के अध्यक्ष एंव छ.ग. सर्व क्षत्रिय समाज के संचालक राकेश सिंह बैस ने मरीजो के इच्छा अनुसार अंतिम बचे बिल मंे 28 हजार अट्ठाईस हजार रू. अपने पुराने परिचित रामकृष्ण केयर अस्पताल के डायरेक्टर डाॅ. संदीप दवे कह कर कम करवाया इनके इस बेहद प्रशसनीय कार्य पर छ.ग. वाॅच ब्युरो ने विचार जानना चाहा तो बहुत ही विन्रमता से राकेश सिंह बैस ने दिन हीन गरीबो और दरिद्रनारायण की सेवा मेरा प्रथम कर्तव्य है यह सब चीजे बताती है की समाज में हमें हमेशा मदद के लिये तत्पर रहना चाहिये।

