टीकम निषाद/देवभोग : तय समय सीमा के भीतर ब्लॉक के सभी 45 वर्ष के लोगों को वैक्सीन लगाये जाने के लिए जनपद सीईओ नरसिंह ध्रुव एसडीएम सूरज साहू सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी पंचायतों की खाक छान रहे हैं। तो वही नवापारा पंचायत के जिम्मेदार ग्राम पंचायत सचिव कोरोना की आड़ में आराम फरमा रहे हैं। तभी इस पंचायत में रविवार रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 36% लोगों को वैक्सीन टीका लग पाया है। जबकि 18 दिन पहले पंचायतों में टारगेट देकर वैक्सीन लगाने के लिए स्पष्ट निर्देशित किया है ।ताकि 45 वर्ष के लोग वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना से कोई दिक्कत ना हो ।लेकिन पंचायत सचिव की लापरवाही से कईयों लोग वैक्सीन लगाने से अब तक वंचित हैं ।जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत नवापारा में 478 महिला पुरुष को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया है ।जिनमें सिर्फ 174 लोगों को ही वैक्सीन टीका लगाया गया है। जबकि अभी भी 334 लोग वैक्सीन टीका नहीं लगा पाए हैं। बावजूद इसके ग्राम पंचायत सचिव द्वारा उदासीन रवैया बरता जा रहा है। गांव के 45 वर्ष के कुछ लोगों का साफ-साफ कहना है की पंचायत सचिव के बमुश्किल पंचायत में दर्शन हो रहै है। ऐसे में क्या दस्तावेज किस तरह की संसाधन और कहां जाकर वैक्सीन लगाने जैसी जानकारी के अभाव में लोग वैक्सिंन लगाने के लिए घर से नहीं निकल रहे ।इससे पंचायत के जिम्मेदार भी अच्छी तरह अवगत हैं। फिर भी जिम्मेदार ग्राम पंचायत सचिव भोजनाथ भाटी कोरोना की आड़ को लेकर अपने घर पर आराम फरमा रहे हैं। जबकि उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार दिशा निर्देश जारी करते। हुए जल्द से जल्द वैक्सीन टीकाकरण टारगेट को पूरा करने के लिए कहा जा रहा है। फिर भी वैक्सीन की संख्या में रफ्तार देखने को नहीं मिल रहा है। और अगर इसी तरह कछुए की चाल में वैक्सीन टीकाकरण लगाया जाता है ।तो 2 माह बाद भी निर्धारित लोगों को वैक्सीन लग पाना असंभव बताया जाता है ।क्योंकि सक्षम लोग ही अपने संसाधन के साथ जानकारी इकट्ठाकर वैक्सीन लगाने पहुंच रहे हैं। बाकी लोग सिर्फ और सिर्फ पंचायत प्रतिनिधि और सचिव के भरोसे हैं। जिसे लेकर कईयों बार पंचायत के जिम्मेदारों को अवगत भी कराया गया। ताकि वैक्सीन लगाने में तत्परता दिखाया जाए फिर भी वैक्सीन लगाने को लेकर ग्राम पंचायत सचिव गंभीर नजर नहीं आए स्थिति ऐसी भी नहीं कि लॉकडाउन में प्रशासन की शक्ति को अनदेखा कर टीकाकरण केंद्र पहुंच पाए।
नरसिंह ध्रुव सीईओ : फ़िलहाल ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा और जवाब से संतुष्टि नहीं होने की स्थिति में आगे की कार्यवाही किया जाएगा ।

