- अवैध ईट भट्टे का संचालन पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा कराया जा रहा है धड़ले से
आफताब आलम/ बलरामपुर : जिले के वन मण्डल बलरामपुर अंतर्गत चांदो रेंज में अवैध ईंट भट्टों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। ईट भट्ठा में जंगलों का इमारती लकड़ी काट कर डाला जा रहा है। ज्यादातर ईट भट्ठा जंगलों के आस पास लगाया गया है। जिसकी जानकारी वन विभाग के कर्मचारियों को भी रहती है मगर चढ़ावे के आगे वन कर्मचारी रहते है नतमस्तक
अवैध इट भट्ठों की भरमार इन दिनों चांदो रेंज में देखने को मिल रहा है जिसकी जानकारी लगते चांदो नायब तहसीलदार परमानंद कौशिक , हल्का पटवारी सुनील सूर्यवंशी तथा नव पदस्थ वन परिक्षेत्रा अधिकारी अमूल रतन राय के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर करीब तीन लाख ईटा के साथ इमारती लकड़ी जप्त कर कार्यवाही की गई है। मामला चांदो क्षेत्र के ग्राम पंचायत इदरीकला का है
ईदरीकला पंचायत के ग्रामीणों का शिकायत है की ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक अवैध ईट भट्ठा का संचालन लगातार तीन चार साल से जंगल के बीच ईदरीकला के काईखाँड़ में पहाड़ी कोरवा के वन भूमि पर कर रहा है। सहायक सचिव के द्वारा बाकायदा जेसीबी से ईट भट्टे के लिए जंगल से लकड़ी निकलवाने के लिए तथा ईटा का ढुलाई के लिए ट्रक आने जाने के लिए जंगलों के बीच सड़क तक बनवा लिया गया है। चांदो क्षेत्र से ईटों का परिवहन सामरी,कुसमी,बलरामपुर यहां तक की बाहरी राज्य झारखंड में अवैध रूप से हो रहा है। मगर इसकी सुध लेने की फुर्सत न तो वन विभाग को और न ही जिले में बैठे माइनिग अधिकारी को है ग्रामीणों के शिकायत पर कार्यवाही कर खाना पूर्ति किया जाता रहा है पर अवैध कारोबार कर लाखो का राजस्व की चोरी के साथ वनों का सफाया वन कर्मचारियों के नाक के नीचे खुले आम हो रहा है जिस पर लगाम लगाने की कोशिश कभी सम्बन्धित अभिकारियो द्वारा नही की गई देखना यह है कि क्या इस मामले में संज्ञान जिले में बैठे वन मण्डला अधिकारी और माइनिग अधिकारी ले कर अवैध कारोबार पर कितना रोक लगाने में ततपरता दिखाते है
जब इस मामले में जमीन मालिक काईखाँड़ निवासी बेवा फागुनी कोरवा पति स्व.त्रिवेणी कोरवा एवं बेवा मलकी कोरबा पति स्व.सुखदेव का कहना है रोजगार सहायक बिना पूछे जबरन हमारे जमीन को जेसीबी से खोदकर ईट बनवा कर लगातार तीन चार साल से जमीन का दोहन कर रहा है। रोजगार सहायक के द्वारा आज तक जमीन बाबत कोई रुपया भी नहीं दिया है। हमारे घर के आसपास के जंगलों से लकड़ी धड़ल्ले से काटा जा रहा है। वन विभाग वाले आकर ईट भट्ठा देख कर चले जाते हैं कोई कार्यवाही नहीं करते वन विभाग वाले बेवजह सिर्फ छोटे लोगों को परेशान करते हैं जो लोग अवैध रूप से जंगलों के बीच लकड़ी काटकर अवैध रूप से ईंट का निर्माण कर रहे हैं उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते । काईखाँड़ वन रक्षक सुनीता कुजुर का कहना है की मुुझे चांंदो आऐ हुुुए कुछ ही दिन ही हुआ है मैं अपना बिट क्षेत्र का दौरा की तो मुझे पता चला सहायक सचिव सहबान अंसारी के द्वारा प्रतिबंधित जंगल से अवैध रूप से लकड़ी काट कर ईट भट्टे में डाल रहा है वही रेेंजर अमूल रतन राय का कहना है फिलहाल मैं भी अभी आया हूं मुझे इसकी जानकारी नहीं थी जंगलों से जो लकड़ी काटा गया है उसको जप्त किया गया है।जिसका जुर्माना नहीं भरने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य जगह पर भी ईट भट्टों का अवैध कारोबार चल रहा है उस पर भी कार्रवाई करेंगे।
कोई वन कर्मी अगर पैसा लेकर ईट भट्टा जंगल में लगवा रहे हैं जांच उपरांत उस पर भी कार्रवाई करेंगे।
परीक्षेत्र अधिकारीनायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार परमानंद कौशिक का कहना है जिला कलेक्टर एवं एसडीएम कुसमी के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष इस समय अवैध ईंट भट्टों पर कार्यवाही की जाती है जिसके तहत ग्राम पंचायत इदरीकला के काईखाँड़ में पहाड़ी कोरवा के वन भूमि पर रोजगार सहायक साहबान अंसारी के द्वारा अवैध रूप से ईट का निर्माण कर रहा है इसके पास कोई दस्तावेज नहीं है दो भट्ठा सहित दो लाख अस्सी हजार करीब ईटा का जब्त किया जा रहा है। जहां-जहां ईटों का अवैध निर्माण हो रहा है उस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
जब ईट एवं लकड़ी को फिलहाल ग्राम पंचायत के सरपंच कुलदीप केरकेट्टा को ग्रामीणों की मौजूदगी में सुपुर् किया गया है।

