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तीन देश 20 राज्यो से होते हुए 50 हजार पदयात्रा कर जैन समाज के आचार्य श्री महाश्रमण जी पहुचे केशकाल

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  • सद्भावना, नैतिकता, नशा मुक्ति व अहिंसा यात्रा में जुड़ने – आचार्य श्री महाश्रमण 
प्रकाश नाग/ केशकाल:- सोमवार को केशकाल मेंअहिंसा यात्रा के प्रणेता तेरापंथ धर्म संघ के 11वें अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी का आगमन हुआ। जहां केशकाल के डिपो में केशकाल के साथ साथ अन्य जिलों व राज्यो से आये श्रद्धालुओं ने सैकड़ों की संख्या में बस्तर के पारम्परिक नृत्य मांदरी के साथ कन्याशाला तक शोभायात्रा निकाली गई। इसके पश्चात कन्या शाला प्रांगण में आचार्य महाश्रमण जी ने अपने श्रीमुख से प्रवचन देते हुए श्रद्धालुओं को नैतिकता, नशामुक्ति और सद्भावना के उपदेश दिए।
केशकाल जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के संरक्षक कानमल जैन ने बताया कि सोमवार को केशकाल में सर्व समाज द्वारा अहिंसा यात्रा के प्रणेता तेरापंथ धर्म संघ के 11वें अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी का भव्य स्वागत किया गया। आचार्य जी के स्वागत में केशकाल के साथ साथ अन्य जिलों व राज्यों से भी श्रद्धालु शामिल हुए। जहां केशकाल के डिपो से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बस्तर के पारम्परिक नृत्य मांदरी व सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों द्वारा भव्य घोष के साथ कन्याशाला तक शोभायात्रा निकाली गई इसके पश्चात कन्या शाला प्रांगण में आचार्य महाश्रमण जी ने अपने श्रीमुख से प्रवचन देते हुए श्रद्धालुओं को नैतिकता, नशामुक्ति और सद्भावना के मुख्य उद्देश्य से निकली गयी इस अहिंसा यात्रा के सम्बंध में उपदेश दिए। हम भाग्यशाली हैं कि आचार्य महाश्रमण जी ने केशकाल में 2 दिन तक रुकने का समय दिया है। हमारा यही प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक लोगों तक आचार्य श्री का संदेश पहुंचाएं तथा अहिंसा यात्रा में अपना सहयोग प्रदान करें।
50 हजार किमी की पद यात्रा पूरी कर आचार्य महाश्रमण जी ने लोगो को सद्भावना, नैतिकता, नशा मुक्ति अहिंसा यात्रा के अभियान में जुड़ने लोगो को प्रेरित किया 
आचार्य महाश्रमण जी के शिष्य कुमार श्रमण मुनि जी ने बताया कि देश की राजधानी दिल्ली के लाल किले से सन 2014 से अहिंसा यात्रा का प्रारंभ करने वाले आचार्य श्री महाश्रमण जी ने न केवल भारत, नेपाल, भूटान आदि देशों में भी मानवता के उत्थान का कार्य किया है बल्कि आचार्य श्री देश के राष्ट्रपति भवन से लेकर गांव की झोपड़ी तक शांति का संदेश देने का कार्य कर रहे हैं। आचार्य श्री की प्रेरणा से हर जाति, धर्म, वर्ग के लाखों लोगों ने इस सुदीर्घ अहिंसा यात्रा में नैतिकता, सद्भावना एवं नशा मुक्ति के संकल्पों को स्वीकार किया है। आचार्य श्री महाश्रमण जी ने भारत, नेपाल एवं भूटान की पदयात्रा कर लोगों को सदाचार की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया है। 28 जनवरी 2021 अहिंसा यात्रा के प्रणेता तेरापंथ धर्म संघ के 11वें अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अपने पावन कदमों से पदयात्रा करते हुए कोंडागांव जिले में 50,000 किलोमीटर के आंकड़े को पार कर एक नए इतिहास का सृजन किया है। इस अहिंसा यात्रा से प्रभावित होकर अब तक 1 करोड़ से अधिक लोगों ने नशामुक्ति अभियान में शामिल होने का संकल्प लिया है। मुनि जी ने कहा कि आप सभी सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति को अपने जीवन मे अपनाने का प्रयास करें ताकि हम स्वस्थ राष्ट्र व स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें। कार्यक्रम के दौरान जैन श्री संघ केशकाल तेरापंथ सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ बालक एवं बालिका मंडल केशकाल सहित नगरवासी एवं शासकीय कर्मचारियों का भी विशेष योगदान रहा ।
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