- रेत के चक्कर में एनिकट से नदी का पानी सूखा दिया गया – दिलहरण
पुरूषोत्तम कैवर्त/ कसडोल : एक तरफ शासन प्रशासन द्वारा लगातार नीचे जा रहे जल स्तर को ऊपर उठाने की जा रही है। यही कारण है कि पहले जगह जगह पर बांध आदि बनाए गए, फिर नदी नले आदि में एनीकेट व डेम आदि का निर्माण किया जा रहा है। ताकि जल स्तर में सुधार हो और लोगों को अधिकाधिक सुविधा मिले। किन्तु दूसरी तरफ रेत माफियाओं द्वारा रुपए कमाने के चक्कर में आम आदमी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसा ही नजारा छत्तीसगढ़ राज्य की जीवन दायिनी चित्रो तपला कहे जाने वाली महानदी के खर्वे हरदी घाट पर करोड़ों रुपए खर्च कर शासन द्वारा बनाए गए एनीकेट से पानी व्यर्थ बहाकर रेत माफियाओं द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जा रहा है। रेत माफियाओं के इस दुष्कृत्य से न केवल जल स्तर नीचे जाएगा, बल्कि नदी किनारे बसे आस पास के गांव जैसे मालीडीह, नवापारा, सिंघारी, भालुकोना, परसापाली, हरदी आदि के निवासियों को गुजर बसर करने में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आस पास के ग्रामीण खेत, बाड़ी में सब्जी आदि की खेती करते थे, वे भी प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत खर्वे के पूर्व सरपंच दिलहरण जायसवाल ने बताया कि नदी को सूखा दिए जाने से आस पास का जल स्तर गिर रहा है साथ ही व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए रेत माफियाओं के इस दुष्कृत्य से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे आस पास के गांव में निवास करने वाले ग्रामीण अत्यंत नाराज हैं। शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और ऐसे शरारती लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।