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जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 50 बिस्तर वाले आश्रय स्थल का शुभारंभ

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  •  आश्रयहीनों तथा मरीज के परिजनों के रूकने की होगी व्यवस्था
आफताब आलम/ बलरामपुर : दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा नवनिर्मित 50 बिस्तरों का आश्रय स्थल अब आश्रयहीनों के रूकने लिए तैयार है। सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा रामानुजगंज विधायक श्री बृहस्पत सिंह, कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, नगरपालिका बलरामपुर के अध्यक्ष श्री गोबिन्दराम तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती तूलिका प्रजापति के द्वारा आश्रय स्थल का लोकार्पण व शुभारंभ किया गया। आश्रय स्थल के प्रभारी ने विधायक को बताया कि आश्रय स्थल में ऐसे व्यक्ति जो गरीब, आश्रयहीन तथा बेसहारा हैं उन्हें यहां रखा जाएगा और उनकी देखरेख की जायेगी। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन जिनके पास रुकने की व्यवस्था नहीं है उन्हें भी आश्रय प्रदान किया जाएगा। बेसहारा तथा गरीबों के लिए आश्रय स्थल में रूकने की व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क होगी एवं इसका संचालन समूह की महिलाओं के द्वारा किया जायेगा। विधायक श्री बृहस्पत सिंह ने आश्रय स्थल की व्यवस्था को देखकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मरीज के परिजनों के लिए यह आश्रय स्थल चिन्ताओं को दूर करने वाला हैं। परिजन हमेशा यही सोचते हैं अस्पताल जाने पर कहां रूकेंगे लेकिन अब उनकी समस्या दूर हो चुकी है। उन्होंने आश्रय स्थल के प्रभारी को इसी तरह व्यवस्था बनाये रखते हुए संचालन करने के निर्देश दिये। इस दौरान नगरपालिका बलरामपुर के पार्षदगण, विधायक प्रतिनिधि श्री विनोद तिवारी, जिला चिकित्सालय के अधिकारी -कर्मचारी सहित आमजन उपस्थित थे।
बर्ड फ्लु से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी

वर्तमान में देश के कुछ राज्यों में एविएन इन्फ्लुएंजा-बर्ड फ्लु के प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य मं एविएन इन्फ्लुएंजा बर्ड फ्लु के त्वरित नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु दिशा-निर्देश जारी किया गया है। देश में कोरोना वायरस का कहर अभी कम हुआ नहीं हुआ कि बर्ड फ्लु के चलते मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमांचल प्रदेश, पंजाब व केरल में अलर्ट की स्थिति है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। एवियन इन्फ्लुएंजा का संक्रमण मनुष्य में संक्रमित प्रवासी पक्षी व पोल्ट्री के माध्यम से फैलता है। यह वायरस, संक्रमित पक्षियों के लार, नाक, आंख स्त्राव व बीट में पाया जाता है। संक्रमित पक्षियों के सम्पर्क में आने से इंसानों में भी यह रोग फैलता है। मनुष्य में बर्ड फ्लु के फैलने से आंखों का संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया, मस्तिष्क में सूजन व हृदय में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मनुष्य में संक्रमण की जांच हेतु लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क कर उपचार प्राप्त करें। संक्रमण के प्रसार तथा रोकथाम हेतु पक्षियों के पंख, लार तथा अपशिष्ट पदार्थो को न छुए। पक्षियों के देखभाल करते समय नाक व मुंह घने कपड़े या मास्क से ढक कर रखें। उन्होंने पड़ोसी राज्यों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में पक्षियों के बहुतायात में असामान्य मृत्यु होने पर निकटस्थ पशु चिकित्सालय एवं पशु औषधालय से संपर्क करें तथा प्रशासन को सूचना दें।

जिला अस्पताल में ही होगा आंख के मरीजों का आपरेशन

सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा रामानुजगंज विधायक श्री वृहस्पत सिंह, कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, नगरपालिका बलरामपुर के अध्यक्ष श्री गोबिन्दराम तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तूलिका प्रजापति ने जिला अस्पताल में आंख की बीमारियों के ऑपरेशन के लिए नवनिर्मित ऑपरेशन थियेटर का उद्घाटन किया। विधायक श्री बृहस्पत सिंह ने पूजा-अर्चना तथा फीता काटकर आई ओटी की विधिवत शुरुआत की। पहले आंख से जुड़ी बीमारियों तथा मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मरीजों को अम्बिकापुर या बड़े शहरों का रूख करना पड़ता था लेकिन जिला खनिज न्यास निधि से प्रशासन ने आई ओ टी का निर्माण करवाकर जिलेवासियों को बड़ी सौगात दी है। जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर सह आई सर्जन की भी पदस्थापना की गई है जो नियमित रूप से ओपीडी में आंख से जुड़ी बीमारियों  की जांच कर उनका इलाज कर रहे है, साथ ही अब आंख का ऑपरेशन भी जिला अस्पताल में संभव है। डाॅक्टरों की टीम द्वारा आई ओटी के शुभारंभ के साथ ही 15 मरीजों का सफल आॅपरेशन किया गया।
विधायक श्री बृहस्पत सिंह ने इस दौरान आंख के ऑपरेशन के लिए पहुंचे मरीजों को कम्बल भी वितरित किया। उन्होंने मरीजों तथा उनके परिजनों से बात कर उनका हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। विधायक श्री सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल बलरामपुर एक समय रेफर अस्पताल बन गया था लेकिन शासन के मंशानुरूप और प्रशासन की सक्रियता से विभिन्न बीमारियों का इलाज अब संभव यही हो पा रहा है। जिला अस्पताल में हड्डी रोग, महिला रोग, मेडिसिन विभाग, नाक, कान, गला तथा शिशु रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता है, इसी कड़ी में अब आंख के विशेषज्ञ डाॅक्टर की कमी थी जो दूर हो गयी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है तथा शासन के मंशानुरूप जिला अस्पताल को सर्वसुविधायुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। विधायक ने कहा कि जिला खनिज न्यास निधि के सदुपयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बलरामपुर की सराहना करते हुए कहा है कि इस निधि का उपयोग कैसे करना है यह बलरामपुर से सीखा जाए। ऐसा संदेश हमें गौरवान्वित तथा प्रोत्साहित करता है कि हम बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जिलेवासियों को प्रदान कर पाये। इस दौरान कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने डॉक्टरों से चर्चा कर आंख के ऑपरेशन के लिए किन सावधानियों का पालन करना पड़ता है, इसकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आंख के इलाज के लिए आए मरीजों को सभी सुविधाएं प्रदान की जाए तथा उन्हें पूर्ण रूप से स्वास्थ्य लाभ करने के उपरांत ही अस्पताल से डिस्चार्ज करें। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में आंख से जुड़ी बीमारियों के मरीज हैं उनकों चिन्हांकित कर लाभान्वित करें। इस दौरान आई सर्जन रजत टोप्पो, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री बसंत सिंह, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक आर के त्रिपाठी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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