- स्ट्रेन-2 की जांच की सुविधा शीघ्र ही एम्स में शुरू होगी, अब तक 1.73 लाख सैंपल टेस्ट किए गए
रायपुर l अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की वीआरडी लैब ने सर्विलांस स्टडी के लिए 70 सैंपल एनआईवी, पुणे की लैब में मंगलवार को भेज दिए। इसमें 60 सैंपल एम्स में उपचार प्राप्त कर रहे कोविड-19 रोगियों के हैं जबकि 10 सैंपल ब्रिटेन से छत्तीसगढ़ लौटकर आए भारतीयों के हैं जिन्हें आरटीपीसीआर टेस्ट में कोविड पॉजीटिव पाया गया है। पुणे से रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्ट्रेन-2 के बारे में प्रारंभिक जानकारी मिल सकेगी। निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि एम्स की वीआरडी लैब में अब तक ब्रिटेन से लौटे 10 भारतीयों के सैंपल कोविड-19 पॉजीटिव पाए गए हैं। इन सभी को स्ट्रेन-2 कंफर्म करने के लिए पुणे लैब भेजा गया है। कुछ दिनों में रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि इन रोगियों का आईसीएमआर की गाइडलाइंस के अनुरूप उपचार किया जा रहा है। इसके लिए एम्स में पृथक बैड की व्यवस्था कर दी गई है। वीआरडी लैब में भी इस प्रकार के सैंपल रखने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के सैंपल को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए एम्स में पूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इसमें ड्राय आइस भी शामिल है। आवश्यकता पड़ने पर वीआरडी लैब में भी ड्राय आइस बनाई जा सकती है। विभागाध्यक्ष प्रो. अनुदिता भार्गव के अनुसार इनके अतिरिक्त 60 सैंपल और पुणे भेजे गए हैं। यह सभी एम्स में एडमिट रोगियों के हैं जिन्हें सर्विलांस स्टडी के लिए नियमित रूप से पुणे भेजा जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि यहां के रोगियों में कोविड वायरस की प्रकृति और प्रवृति बदल तो नहीं रही है। जिससे वायरस स्टडी में काफी मदद मिलती है। एम्स की वीआरडी लैब में 28 दिसंबर तक 1,72,924 सैंपल की जांच हो चुकी है जिसमें 17336 सैंपल पॉजीटिव पाए गए हैं। प्रो. नागरकर ने कहा है कि एम्स के पास शीघ्र ही कोविड वायरस के स्ट्रेन-2 की जांच की सारी सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी जाएंगी।

