पुलस्त शर्मा/ मैनपुर : तहसील मुख्यालय मैनपुर से 10 किलोमीटर दूर बेहराडीह बाजाघाटी मंदिर के पास मुख्य मार्ग के किनारे जंगल क्षेत्र में रविवार को मृत अवस्था में मिले चीतल के शव का आज पोस्टमार्डम पश्चात् राजकीय सम्मान के साथ विधिवत दाह संस्कार किया गया। ज्ञात हो कि रविवार दोपहर 3 बजे के आसपास एक नर चीतल मृत अवस्था मे वन विभाग की टीम को मुख्य मार्ग के किनारे कक्ष क्रमांक 1076 में मिला था जहां चीतल के शरीर पर तीर कमान से जख्मो के निशान चीतल के अवैध शिकार की ओर ईशारा कर रहा है हालाकि वन विभाग के जिम्मेदार अफसर चीतल कहां से आया और इसके पीछे कौन था यह तक नही बता पा रहे है। देर शाम होने के चलते मृत चीतल के शव को झरियाबाहरा बीट में सुरक्षित रखा गया था जिसका आज सोमवार को पशु चिकित्सक डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्डम करते हुए पूरे राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए बीट गार्ड देवदत्त तिवारी ने बताया कि रविवार को मृत मिले चीतल का आज सोमवार को पोस्टमार्डम के बाद विधिवत दाह संस्कार किया गया है अवैध शिकार की संभावना पर उन्होने बताया कि बीट क्रमांक 1076 में कोई भी केयर ट्रेकर नही होने के कारण यहा पता नही चल पा रहा है कि मृत नर चीतल किधर से आया है और किधर जा रहा था विभाग द्वारा पुरी मुस्तैदी के साथ जांच किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मैनपुर क्षेत्र के जंगल मे बड़ी संख्या मे वन्यप्राणी पाये जाते है लेकिन लगातार विभाग के उदासीन रवैये के चलते अवैध शिकार की घटना बड़ती जा रही है पिछले कुछ सालो में वन्यप्राणी संदिग्ध हालात मे मृत अवस्था मे पड़े हुए मिले एवं गांवो की ओर लगातार उनका रूख इनके अवैध शिकार की ओर ईशारा कर रहा है। इसके पूर्व भी मैनपुर जंगल के आसपास से वन्यप्राणी सांभर धवलपुर में मृत अवस्था मे मिला है और तो और क्षेत्र के जंगल से काफी दूर्लभ प्रजाति के वन्यप्राणी पंेगुलियन के तस्करी भी लगातार इस वर्ष बढी है इसी माह एक जिंदा पेंगोलियन व पेंगोलियन की खाल के साथ आरोपी दबोचे जा चुके है। पूरी संक्रियता के साथ वनों की सुरक्षा मे तैनात वन अफसरों द्वारा अगर समय रहते वन्यप्राणियों की रक्षा हेतु मुस्तैदी नही दिखाया जायेगा तो आने वाले समय में वन क्षेत्र वन्यजीव रहित नजर आने लगगें और दूर्लभ वन्यप्राणी बेमौत मारे जाते रहेगें जहां वन विभाग सिर्फ मूक बनकर जांच का आश्वासन देते रहेंगें। एक तरह से देखे तो क्षेत्र के जंगलो मे बड़ी संख्या मे वन्यप्राणी मौजूद है और समय समय पर ये वन्यप्राणी लोगो को आसानी से दिखाई भी देते है लेकिन इन वन्य प्राणियो की सुरक्षा को लेकर विभाग को जितना मुस्तैद रहना चाहिए उतना दिखाई नही देता। रविवार को मृत मिले चीतल के शरीर मे सींग के पास चोट व शरीर के कई स्थानो पर जख्म के निशान अनेक संदेह को जन्म देता।
मृत चीतल का आज किया गया विधिवत दाह संस्कार

