कोरबा। एसईसीएल की खदान में हुए ब्लास्ट से सात साल की बच्ची घायल हो गई है. घटना के वक्त मासूम घर में खाना खा रही थी. लड़की का नाम प्रिया है, उसे कमर में चोट आई है. बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ग्रामीणों में एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा है. कई लोगों के घरों में दरारें पड़ गई हैं. श्वञ्जङ्क भारत आप तक ब्लास्ट से खदानों के आस-पास के गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानियों की खबर पहुंचा चुका है. स्श्वष्टरु की कोयला खदानों में होने वाला ब्लास्ट ग्रामीणों के लिए जान का जोखिम पैदा कर रहा है. दीपका खदान में कोयला उत्खनन के लिए की जा रही हेवी ब्लास्टिंग से खदान के भीतर से एक पत्थर का टुकड़ा उड़कर ग्राम मलगांव के एक मकान की छप्पर तोड़कर घर में गिरा, जिसमें सात साल की बच्ची को चोटें आई हैं. घटना के बाद दहशत में परिवार के लोग घर छोड़कर बाहर आ गए.घर से 500 मीटर दूर हुई हेवी ब्लास्टिंगपहले तो परिजनों को ऐसा लगा कि मकान पर किसी ने पत्थर फेंका हो, लेकिन परिजन को बाद में समझ आया कि करीब 500 मीटर की दूरी पर खदान में हेवी ब्लास्टिंग हुई है. दीपका खदान के आसपास के कई इलाकों में हेवी ब्लास्टिंग के कारण मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं. श्वञ्जङ्क भारत ने पहले भी ये खबर प्रमुखता से आप तक पहुंचाई थी. लोग इन्हीं घरों में अब भी निवासरत हैं, वे बेहद आक्रोशित हैं, लेकिन इसके बाद भी स्श्वष्टरु प्रबंधन द्वारा किसी तरह के कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए गए हैं. मौजूदा मामले में भी अगर पत्थर का टुकड़ा और बड़ा होता, तो परिणाम और भी घातक हो सकते थे. मलगांव सरपंच धनकुवर कंवर ने बताया कि दीपका खदान में होने वाली हेवी ब्लास्टिंग से पत्थर मकान का छप्पर तोड़कर शिव निर्मलकर के घर पर गिरा है, जिससे उनकी 7 वर्षीय बच्ची घायल हो गई है. जिसे इलाज के लिए कोरबा लेकर गए हैं. सरपंच ने कहा कि यह साफ तौर पर एसईसीएल की लापरवाही है. यह कोई पहला मामला नहीं है, जब हेवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों को परेशानी हुई है. ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं.
एसईसीएल खदान में ब्लास्ट… 7 साल की को आयी गंभीर चोटे … प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश

