भाजपा-कांग्रेस नेताओं की रूचि बढऩे लगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के चुनाव घोषणा के बाद व्यापारियों के बीच सरगर्मी बढ़ गई है। चेम्बर के वर्तमान नेताओं के बीच आपसी मनमुटाव व झगड़े का फायदा सशक्त दावेदार अमर परवानी को होता दिख रहा है। अमर परवानी अपने साथियों के साथ जनसंपर्क व समर्थन जुटाने निकल रहे है इसका फायदा भी हो रहा है। आधे से ज्यादा व्यापारी संगठनों ने बैठक लेकर मौखिक सहमति दे दी है। चेम्बर में वर्षो से स्थापित नेताओं के बीच भी बैठको का दौर शुरू हो गया है। ज्यादातर नेताओं के बीच आपसी मनमुटाव होने के बावजूद सहमति बनाने की कवायद चल रही है। श्रीचंद सुंदरानी व पूरनलाल अग्रवाल जैसे घोर विरोधी भी चुनाव को देखते हुए एकजुट हो गये है। चेम्बर में प्रतिदिन नये-नये राजनीतिक समीकरण बन रहे है। अध्यक्ष पद से उम्मीदवार अधिक होने के कारण श्रीचंद गुट में विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस एक गुट श्रीचंद सुंंदरानी के समर्थन में है वहीं दूसरा गुट अपना प्रभाव जमाने की जुगात में लगा है। चेम्बर की राजनीति में भाजपा की प्रभाव अधिक है। चेम्बर के प्रमुख पदाधिकारी भाजपा संगठन में प्रमुख पद पर है। यह वर्ग चेम्बर की राजनीति में फिर से कब्जा जमाने की जुगाड़ में लग गये है। पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। योगेश अग्रवाल चुनाव लडऩा चाहते है। पूरनलाल अग्रवाल का बगावती तेवर रहा है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद कांग्रेस के व्यापारी नेता भी इस बार खुलकर सामने आने लगे है। कन्हैया अग्रवाल, रमेश वाल्यानी, सतीष जग्गी, प्रमोद दुबे, अर्जुन वासवानी, आनंद चोपकर सहित कई नेताओं ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। वर्षो से चेम्बर की राजनीति में सक्रिय नेताओं के खिलाफ परिवर्तन का संदेश देने में एक वर्ग लगा है दूसरी तरफ व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग अमर परवानी के खिलाफ चेम्बर को कमजोर करने का अरोप लगाते हुए व्यापारियों से एकजुट होकर काम करने की अपील कर रहा है। चेम्बर की राजनीति में आगामी दिनों कई उठा-पटक देखने को मिल सकता है।

