प्रांतीय वॉच

सफलता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है : आई.जी.

  • शासकीय महाविद्यालय लवन में युवाओं हेतु वेबीनार का आयोजन
मुंडा : शासकीय महाविद्यालय लवन के रोजगार मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा युवाओं के नागरिक कर्तव्य, रोजगार एवं व्यक्तित्व विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। इस ऑनलाइन कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज थे । श्री डांगी “गाइड दी यूथ ग्रो दी नेशन” नामक अभियान के प्रणेता हैं जिसमें वे युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान कर देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करते हैं l कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रभारी प्राचार्य व्हाई.आर महिलाने ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया श्री डांगी ने मुख्य वक्ता की आसंदी से कहा कि युवा अपार ऊर्जा के स्रोत हैं इस ऊर्जा को सही मार्ग में दिशा प्रदान करने की आवश्यकता है। छात्र जीवन में युवाओं को  यह सोच रखनी चाहिए कि “सफलता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।  बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिक परिश्रम तथा प्रयत्न की आवश्यकता पड़ती है। आज बढ़ती प्रतियोगिता के दौर में हमें ना केवल मछली की आंख अपितु आंख की पुतली रूपी लक्ष्य को भेदने की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता है। जिस प्रकार एक वर्षीय फसल हेतु प्रतिवर्ष मेहनत लगती है उस प्रकार ही छोटा लक्ष्य जीवन पर्यन्त संघर्ष कराता है। युवा अनुशासित रहकर अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर प्रयास करें तथा सफल व्यक्तियों से मिलें जिन्होंने पूर्व में उनके लक्ष्य को प्राप्त किया है । सफल व्यक्ति से सकारात्मकता का संचार होता है जिन्होंने पूर्व में कभी प्रयास नहीं किया वह दूसरों को हतोत्साहित ही करते हैं। युवाओं को अपना मित्र मंडल भी सावधानी पूर्वक बनाना चाहिए। ऐसा कहा भी गया है कि हम में  अपने 5 मित्रों के औसत गुण पाए जाते हैं। श्री डांगी ने कहा कि  युवाओं की जीवन शैली अनुशासित होनी चाहिए। आजकल छात्र-छात्राएं देर रात तक सोशल मीडिया में व्यर्थ समय व्यतीत करते हैं तथा सुबह भी देर से उठते हैं ऐसे में वे प्रतिदिन अपना अमूल्य समय गवा देते हैं। हमारी दिनचर्या में प्रातः योग एवं व्यायाम एक अनिवार्य घटक होना चाहिए ताकि देश की सेवा में हमारा शरीर भी सहायक रहे। श्री डांगी ने कहा कि समाचार पत्र, सोशल मीडिया तथा इंटरनेट आदि में भी हमें ऐसे व्यक्तियों का अनुसरण करना चाहिए जिन्होंने जीवन में कठोर परिश्रम से सफलता अर्जित की है। आजकल का युवा अतिशीघ्र आक्रामक हो जाता है। हमें छात्र जीवन में नशा तथा अपराधिक गतिविधियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए । युवा छात्र छात्राएं पुलिस की आंख और कान होते हैं। यदि उन्हें समाज में कोई गैर कानूनी गतिविधि की जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करना चाहिए।  छात्र जीवन से ही  छात्रों को महिलाओं के सम्मान हेतु अभिप्रेरित  करना चाहिए ताकि अध्ययन उपरांत वे समाज एवम् कार्यक्षेत्र में महिलाओं का सम्मान करें। इस कार्यक्रम में समूचे छत्तीसगढ़ से अनेक छात्र-छात्राएं जुड़े हुए थे।श्री डांगी ने अपने उद्बोधन में उनकी विभिन्न शंकाओं और प्रश्नों का समाधान भी किया। इस वेबीनार के संयोजक अजय मिश्रा सहायक प्राध्यापक द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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