प्रांतीय वॉच

जँगली सुअर के झुण्ड ने किसानों के फसल को रौंदकर किया बर्बाद

  • किसानों द्वारा स्थल निरीक्षण के निवेदन पर रेन्जर ने कहा मेरे पास समय नहीं है
  • कितने लोगों के खेत का निरीक्षण करेंगें
पुरुषोत्तम केवार्तिया कसडोल ।   जंगली सुअर के झुण्ड ने रौंदकर किसानों के खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया और घटना की सूचना देकर स्थल निरीक्षण के लिए कहने गए किसानों को रेन्जर ने कहा कि उसके पास समय नहीं है किसके किसके खेत का निरीक्षण करने जाएंगे ।  कसडोल तहसील क्षेत्र के वन परिक्षेत्र लवन के मुख्यालय बल्दाकछार में है और इसी बल्दाकछार गांव के निवासी पुनीतराम कन्नौजे सहित चार किसानों के खेत मे लगे 1010 किस्म के धान की फसल को जंगली सुअर के झुण्ड ने रौंदकर बुरी तरह से तहस नहस कर दिया है । किसानों ने अपने खेत में जाकर देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए । जंगली सुअर द्वारा फसल को नुकसान किए जाने की सूचना किसानों ने रेन्जर एन के सिन्हा को देते हुए स्थल निरीक्षण करने की गुजारिश की तो रेन्जर ने किसानों को दो टूक कह दिया कि उसके पास समय नहीं है जब समय मिलेगा तो किसी कर्मचारी को भेज देंगे ।बल्दाकछार निवासी पुनीत राम कन्नौजे ने बताया कि उसके पास कुल ढाई एकड़ भूमि है जिसमें से डेढ़ एकड़ की फसल जंगली सुअर के दल के रौंदने से तबाह हो गए हैं , इस बात की सूचना रेन्जर को देने गया था और उनसे स्थल निरीक्षण करने का निवेदन किया लेकिन रेन्जर स्पष्ट रूप से कह दिया कि उसके पास और कर्मचारियों के पास समय नहीं है तथा किस किस किसान के खेतों को हम देखने जाएंगे । पुनीत राम कन्नौजे के अलावा हीरा लाल निषाद , पन्ना लाल चंद्राकर एवं विसंभर निषाद के खेतों को भी जंगली सुअर ने रौंदा है जिससे उन्हें भी काफी क्षति हुई है । किसानों ने बताया कि फसल में बालियां आ गई थी और पकने वाली थी जिसे सुअर के झुण्ड ने रौंद दिया है । एक तरफ किसान खेत को रौंदने से बुरी तरह बर्बाद हो गए हैं और दूसरे तरफ वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रेन्जर द्वारा समय नहीं है कहकर किसानों को रुखसत  करना उसकी कर्तव्यहीनता के साथ साथ अमानवीय व्यवहार को प्रदर्शित करता है । वन परिक्षेत्र लवन में पदस्थ रेन्जर के रूखे व्यवहार से क्षेत्र लोग काफी परेशान है । इसी रेन्जर की लापर – वाही से पूर्व पदस्थ रेन्जर के कार्यकाल में कराए  गएनिर्माण कार्यों के मटेरियल एवं मजदूरों को मजदूरी भुगतानपिछले डेढ़ साल से लंबित है । इस सम्बंध में रेन्जर एन के सिन्हा से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि किसानों का आवेदन प्राप्त हुआ है कर्मचारियों को जांच करने भेजा गया था ।किसानों को हुए वास्तविक क्षति का आकलन कर प्रकरण बनाया जाएगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *