जांजगीर-चाम्पा : जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत साढ़े 3 सौ संविदाकर्मियों द्वारा नियमितिकरण की मांग को लेकर से आंदोलन प्रारंभ कर दिया गया है. आज दूसरे दिन धूप में 3-3 की संख्या में सड़क किनारे खड़े होकर प्रदर्शन किया गया और सरकार को जगाने की कोशिश की गई. एनएचएम के संविदा अधिकारी-कर्मचारियों संविदाकर्मियों के आंदोलन से स्वास्थ्य व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, वहीं कोविड अस्पतालों में भी व्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विगत 15 वर्षों से स्वास्थ्य कर्मी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से जुटे हैं. कांग्रेस सरकार द्वारा अपनी चुनावी घोषणा पत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितकरण की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक उनके द्वारा किसी भी प्रकार का सकारात्मक रूख नहीं दिखाया गया है. सरकार द्वारा कर्मचारी विरोधी रूख अनपाए जाने के कारण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों द्वारा नियमितिकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन प्रारंभ किया गया है. कल पहले दिन कोविड की ड्यूटी के दौरान मरने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. जिले मे धारा 144 लागू होने की वजह से प्रदर्शन और नारेबाजी का कार्यक्रम स्थगित रहा, मगर आंदोलन का पूरा असर व्यवस्था पर नजर आ रहा है.
संविदाकर्मियों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू, दूसरे दिन धूप में सड़क किनारे खड़े होकर किया प्रदर्शन

