तिलकराम मंडावी/ डोंगरगढ : भीम नगर वार्ड न. 9 मे स्थित 60 फिट पंचषील ध्वज के समिप बोद्ध अनुयायियो के द्धारा धम्म चक्र प्रर्वतन दिवस शासन के नियमो का पालन करते हुवे बडे ही षांतिमयढंग से मनाया गया वार्ड के बोद्ध समाज के युवाओ के द्धारा यहा पर पंचषील का झंडा 60 फिट कि उचाई पर लगाया गया है जो अपने प्रदेष मे षायद ही इतने उचे स्थान पर यह झंडा लगा हो इन्ही युवाओ के द्धारा यह अयोजन को रखा गया थ जिसमे भंते डॉ. भीमराव आम्बेडकर के छाया चित्र के समिप द्धिप प्रज्जलित माल्र्याणपर कर भंते नागरत्न के द्धारा बुद्ध वंदना कर कार्यक्रम का षुभारम्भ किया गया इस अवसर पर महानुअभवो के द्धारा अपने विचारो को रखते हुवे कहा गया कि परम पूज्य बोधिसत्व भारत रत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी ऐसे योद्धा महामानव का नाम है जिन्होने षोशण विरूद्ध आवाज बुलंद की उपेक्षितो को उनका हक दिलाने के लिये जीवन सर्मिर्पत कर दिया बाबा साहेब ने इस दिन को दिक्षा के लिये चुना 14 अक्टुबर 1956 को दीक्षा भुमि नागपुर पर उन्हाने अपने लाखॅो अनुयायियो के साथ बौद्ध धम्म कि दिक्षा ली थी उस दिन कि याद मे इस पर्व को मनाते है बाबा साहेब ने बोद्ध धम्म कि दिक्षा लेकर उन्होने इस धर्म को ही अपनाया था उनके अस्त्वि को हमे बनाये रखना है इस महत्व को हमे समझना है इस अवसर पर बौद्ध समाज के अध्यक्ष मुन्नालाल नंदेष्वर टिकाराम नंदेष्वर लक्ष्मण अम्बादे पुरशोत्तम टेम्भुरकर डॉ. राजेष राउतकर देवी अम्बादे किरन देउडकर बिन्दु अम्बादे नलिनि टेम्भुरकर बालि अम्बादे अनिल सहारे टिकारम जाम्भुलकर पंकज वासनिककर विकास टेम्भुरकर निखिल अम्बादे दीपक साखरे हरिष इंदुरकर कमला बाई नंदेष्वर निर्मला नंदेष्वर देषराज देउडकर सहित आदि बोद्ध धम्म के अनुयायिगन उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन राकेष भवते ने किया व आभार व्यक्त करते हुवे निरूदिन मिथानी ने कहा कि बाबा सहाब अम्बेडकर महान थे उनके पास बहोत से धर्म के अनुययि पहुचे पर उन्होने बौद्ध को ही अपने लॉखो अनुयायियो के साथ इस धर्म को नागपुर कि दिक्षा भुमि पर अपनाया था
60 फिट पंचशील ध्वज के समिप मनाया गया धम्म चक्र प्रर्वतन दिवस

