रायपुर। MLA Salary: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी माननीय का वेतन बढ़ाने की तैयारी में है। इससे पहले 2016 में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री और विधायकों का वेतन बढ़ाया गया था। अभी राज्य के विधायकों को वेतन व सभी भत्ता मिलाकर एक लाख 10 हजार रुपये मिल रहा है। देश के 29 राज्यों (केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर) में 13 राज्य ऐसे हैं, जहां विधायकों को यहां से अधिक वेतन-भत्ता मिलता है। छत्तीसगढ़ में दो वर्ष पहले अगस्त 2020 में पूर्व विधायकों के पेंशन, यात्रा की पात्रता राशि और पारिवारिक पेंशन में बढ़ोतरी की गई थी।
सबसे ज्यादा वेतन तेलंगाना और सबसे कम त्रिपुरा में
विभागीय अफसरों के अनुसार देश में सबसे ज्यादा दो लाख 50 हजार रुपये वेतन-भत्ता तेलंगाना में दिया जाता हैं। वहीं सबसे कम 34 हजार रुपये त्रिपुरा में विधायकों को दिया जाता है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में देश में दूसरे स्थान पर है। वहां दो लाख 35 हजार रुपये वेतन भत्ता दिया जाता है। वहीं, मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ के बराबर ही करीब एक लाख 10 हजार रुपये मिलता है।
2016 तक मिला था 75 हजार
राज्य में 2016 तक विधायकों को 75 हजार रुपये हर महीने मिलता था। तत्कालीन सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख 10 हजार किया था। इसी तरह मुख्यमंत्री का वेतन, निर्वाचन क्षेत्र व दैनिक भत्ता मिलाकर 93 हजार से बढ़ाकर एक लाख 35 हजार, मंत्रियों का 90 हजार से बढ़ाकर एक लाख 30 हजार, विधानसभा अध्यक्ष का 91 हजार से बढ़ाकर एक लाख 32 हजार, उपाध्यक्ष का 88 हजार से बढ़ाकर एक लाख 28 हजार किया गया था। दूरभाष, अर्दली व चिकित्सा भत्ता इसके अतिरिक्त है।

