रायपुर। भूपेश सरकार उद्योग, कृषि, राजस्व व नगर निवेश सहित कई क्षेत्रों के नियमों में बदलाव कर आम जनता को राहत देने की कवायद में पिछले पांच माह से जुटी है। लॉकडाउन के कारण शासन-प्रशासन का काम-काज पिछले 6 माह से प्रभावित होने के कारण भी कोरोना संक्रमण को छोड़कर कोई अन्य फैसला नहीं लेे पा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना दिवस के बाद सरकार के काम-काज को पटरी में लाकर कई बड़े फैसले लिये जा सकते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार का अपना इस वर्ष का पीक परेड भारी चुनौतियों के बीच गुजर रहा है। कोरोना से बचाव की दवाईयां बाजार में आने के बाद सरकार एक बार फिर लंबित पड़ी योजनाओं व कानूनों पर फैसला कर सकती है। सरकार के जिम्मेदार सूत्रों के अनुसार भूपेश मंत्री परिषद किसान, राजस्व, उद्योग जैसे विभागों में कई क्रांतिकारी फैसले लेकर एक बड़े वर्ग को राहत देने की मंशा पर काम करना चाहती है। ड्राप्ट तैयार भी हो गया लेकिन कोरोना के कारण केबिनेट में रखा नहीं जा रहा। इन सभी विषयों पर केबिनेट कमेटी के अधिकारी आर्थिक नफा-नुकसान सहित कई विषयों पर लगातार विश£ेषण कर रहे हैं।
विशेष खबर : कई बड़े बदलाव की तैयारी, कोरोना के कारण लंबित

