कमलेश रजक/ मुंडा : खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में पंजीयन में हो रही समस्याओं को लेकर लवन शाखा अन्तर्गत कम्प्यूटर आॅपरेटरों ने किसानों की हित को ध्यान में रखते हुए सोमवार 5 अक्टूबर को नायब तहसीलदार प्रियंका बंजारा व जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा लवन शाखा प्रबंधक आर.के. नवरंग को ज्ञापन सौंपा गया। आॅपरेटर भीम पटेल, पवन वर्मा, भागीरथी वर्मा, मुलचंद बांधे, मोहन डहरिया, रमेश पटेल, उत्तम कैवत्र्य, नीलेश रजक, मेष साहू, भुनेश्वरी, सुरेश वर्मा, बिन्देश्वरी के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि आॅनलाईन भू-पोर्टल एवं पूर्व वर्ष धान की रकबा व गिरदावरी में प्रदर्शित रकबा में अत्यधिक अंतर है, जिसके कारण धान के रकबा में अंतर आयेगा। वही अधिकतर समितियों में पटवारी द्वारा सौंपे गए प्रारूप 1 की हस्ताक्षर सूची नहीं मिल पाई है, जबकि उक्त सूची को समिति द्वारा 20 अगस्त को ही सौंप दिया गया था। अधिकांश पटवारी के द्वारा आज तक आॅनलाईन भू पोर्टल पूर्व वर्ष के पंजीकृत कृषकों का पूर्ण रूप से आॅनलाईन नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से पंजीयन में समस्याएं हो रही है। छत्तीसगढ़ राज्य धान खरीदी कम्प्यूटर आॅपरेटर संघ ने नवीन पंजीयन एवं रकबा संसोधन का कार्य धान खरीदी नीति के तहत व खाद्य सचिव के आदेश अनुरूप समिति के आॅपरेटरों से न कराकर तहसीलदार द्वारा अन्य विभाग या स्वयं आॅपरेटर से कार्य कराया जावे। वही पूर्व वर्ष की धान का रकबा एवं भुईया पोर्टल की धान की रकबा में अंतर होने पर डाटा सुरक्षित नहीं हो पा रहा है, धान का रकबा एवं पोर्टल का रकबा सेम होने पर ही सुरक्षित हो रहा है। आॅपरेटर संघ ने कहा कि पटवारियों को समिति में बिठाकर पंजीयन का कार्य को कराया जावें साथ ही पटवारियों के द्वारा समिति को प्रमाण पत्र लिखित में हस्ताक्षर युक्त दी चाहिए। जिससे की पूर्व वर्ष की आॅनलाईन पंजीयन को पटवारी के समक्ष निर्देशन में कार्य जाना उल्लेखित हो। आॅपरेटर संघ ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उक्त बातों को अमल कर पंजीयन का कार्य कराया जावे।
पंजीयन में हो रही समस्याओं को लेकर आपरेटर संघ ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

