भोपाल। मप्र बोर्ड परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। कोविड काल में दो साल से विद्यार्थी आनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। इसमें सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई नहीं हो पाई। यही कारण है कि इस बार हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी कक्षाओं में सरकारी स्कूल का परिणाम फिसड्डी रहा है। इस साल दसवीं का रिजल्ट पिछले पांच सालों में सबसे कम रहा। दसवीं का 59.54 फीसद रिजल्ट रहा। इसका कारण यह है कि परीक्षा पैटर्न में नए बदलाव किए गए। दसवीं में सरकारी स्कूल का प्रदर्शन निजी की तुलना में खराब रहा। सरकारी का रिजल्ट 55.40 फीसद व निजी स्कूल का 69.48 फीसद आया है। वहीं बारहवीं में भी सरकारी स्कूल का रिजल्ट खराब है। सरकारी में 70.92 फीसद और निजी स्कूल का 76.30 फीसद परिणाम रहा। इसके अलावा हाईस्कूल परीक्षा में 9,31,379 विद्यार्थी शामिल हुए।
MP Board 10th-12th Result 2022: आनलाइन कक्षाएं लगने के कारण 10वीं व 12वीं रिजल्ट में पिछड़े सरकारी स्कूल

