रायपुर वॉच

मकर संक्रांति : रायपुर में खूब बिके दान-पुण्य करने के लिए तिल-गुड़ के लड्डू, रेवड़ी, गजक

Share this
रायपुर । मकर संक्रांति पर घर-घर में तिल, गुड़ की पापड़ी, लड्डू बनाकर पूजा-अर्चना करके दान करने की परंपरा निभाई जाती है। राजधानी रायपुर के गोल बाजार, शास्त्री बाजार में तिल, गुड़ की खरीदारी करने महिलाएं पहुंची। इसके अलावा दुकानों पर पहले से तैयार तिल लड्डू, पापड़ी के साथ ही रेवड़ी, गजक की भी खूब खरीदारी की
ग्रह दशा से मुक्ति पाने तिल का दान
ऐसी मान्यता है कि मकर संक्राति पर काला तिल, गुड़ का दान करने अथवा कुत्तों, गाय को खिलाने से ग्रह दशा सही रहती है। शनि की अढैया, साढ़ेसाती से पीड़ित जातकों को परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इसी मान्यता के चलते काले तिल के लड्डू की अच्छी खासी मांग रही। बाजार में 180 से 200 रुपये किलो तक लड्डू बिका। इसके अलावा गजक 200 से 300 रुपये पैकेट में बिका।
तिल में औषधि गुण
धार्मिक मान्यता के अलावा वैज्ञानिक रूप से तिल को औषधि के रूप में सेवन किया जाता है। तिल खाने से पित्त, कफ रोग से राहत मिलती है।
सूर्य भगवान की पूजा करके दान
ज्योतिषचार्य डा.दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार अपने गांव, शहर के नदी, तालाब में स्नान करके भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर शरीर को स्वस्थ रखने और सुख, शांति की प्रार्थना करें। अपने घर पर पाटे, चौकी पर पर लाल कपड़ा बिछाएं। चावल से अष्ट दल बनाकर उस पर भगवान सूर्यदेव की प्रतिमा अथवा छायाचित्र को स्थापित करें। विधिवत पूजा, आरती करके ऊं सूर्याय नम: का जाप करें। यथाशक्ति अनुसार हवन करके वस्त्र, तिल, गुड़ का दान करना चाहिए।
14 महिलाओं को 14 वस्तुओं का दान
राजस्थान, गुजरात की परंपरा के अनुसार तिल से बने व्यंजनों का भोग भगवान को अर्पित करके 14 वस्तुओं का दान 14 महिलाओं को किया जाता है। एक सरीखी 14 वस्तुएं दान करने से सुख, सौभाग्य में वृद्धि होने की मान्यता है।
पशु-पक्षियों को गुड़, आटा
उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश के मूल निवासी जो छत्तीसगढ़ में निवासरत हैं, वे पशु-पक्षियों को गुड़, आटा, खिचड़ी खिलाने की परंपरा निभाएंगे।
देश के अलग-अलग राज्यों में संक्रांति
    • – छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश – मकर संक्रांति या संकरायत
    • – उत्तर प्रदेश- खिचड़ी
  • – महाराष्ट्र – तिल संक्रांति
Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *