पुरुषोत्तम कैवर्त्य
कसडोल / शिवसेना बलौदाबाजार जिलाध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में शिवसैनिक एवं पीड़ित धरना देने पहुंचे बलौदाबाजार कलेक्टोरेट लेकिन पहले से ही बलौदाबाजार एस ड़ी ओपी सुभाषदास व सिटी कोतवाली थाना प्रभारी विजय चौधरी दल बल के साथ कलेक्टोरेट के गेट पर ही शिवसैनिको को रोका और समझाईश देते हुए पुरे जिले में धारा 144 लगे होने तथा धरना आंदोलन की अनुमति नहीं होने की बात कहीं जिसपर जिला महासचिव मनहरण साहु ने सवाल करते हुए पुलिस से पुछा की भ्रष्टाचार करने वालो को जिला प्रशासन बचा रही हैं और आप पिड़ीत को न्याय दिलाने आई शिवसैनिको को नियम बता रहे हैं । भारी मानमनौव्वल के बाद भी जब शिवसैनिक नहीं माने पुलिस ने सभी को पुलिस वेन में बिठाकर थाने ले आई और प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्यवाही चालु कर दिया जिसकी सुचना मिलते ही जिलेभरके सैंकड़ो शिवसैनिक सिटी कोतवाली पहुंचे थाना में घुसने का प्रयास किया लेकिन गेट पर ही उन्हे रोक दिया गया फिर शिवसैनिको ने थाने के गेट पर ही खड़ा होकर थाने का घेराव कर दिए और माँग करने लगे जिलाध्यक्ष संतोष यदु ने अधिकारीयो को लताड़ते हुए कहा की हमारे शिवसैनिको को धारा 144 का हवाला देकर गिरफ्तार कर थाना में बिठाया गया हैं लेकिन सरकारी शराब दुकानो में आप धारा 144 नही लगाए हैं क्या वो जिला से बाहर हैं केवल आम जनता की आवाज को दबाने के लिए जिला प्रशासन हर बार यही हथकंण्ड़ा अपनाता हैं जिनसे हम डरने वाले नहीं हैं जबतक भाटापारा विकासखंण्ड के कड़ार पंचायत में सरपंच सचिव व भाटापारा के जनपद सीईओ के खिलाफ गाँव के विकाश के लिए आए पैसो का बंदरबांट का जाँच करने प्रमुख अधिकारीयो की कमिटी नहीं बनाएगे हम आंदोलन करते रहेंगे चाहे हमें किसी भी धाराओं में जेल में डाल दो रोड़ में खड़ा कर गोली से उड़ा दो चाहे चौराहे पर फासी लटका दो जिला कलेक्टर जिले का मुखिया होता हैं और उन्ही के द्वारा दोषीयो को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जा रहा हैं और जाँच की माँग करने पर भरे जनदर्शन में आमजनो के आवेदन पत्र को फेंकर बेईज्जती करते हैं तो उनके अधिनस्त अधिकारी जनता से कैसे व्यवहार करेंगे हमारे देश में लोकतंत्र हैं या ठोकतंत्र सरकारी अधिकारी अपने आप को प्रशासक समझने लगी हैं जबकी जनता ही सरकार चुनती हैं और जनता के द्वारा सरकार को दिए गये कर के पैसो से ही चपरासी से लेकर कलेक्टर को वेतन मिलता हैं लेकिन बलौदाबाजार जिले में जनदर्शन का नाम बदलकर अधिकारी दर्शन रख दो जहाँ पर जनता का सम्मान नहीं होगा और उनके हक अधिकार को छिना जाएगा संतोष यदु यह कभी बर्दास्त नहीं करेंगा ।
तहसीलदार बलौदाबाजार संगीता बंजारा व पुलिस अधिकारीयो के भारी मान मनौव्वल के बाद भी शिवसैनि शांत नहीं हुए अंतत: जिला कलेक्टर सुनिल कुमार जैन के निर्दैश पर जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्दीकी ने जाँच कमेटी गठित किया जिनमें भाटापारा के एसडीएम लविना पाण्डेय , उप संचालक पंचायत हरिशंकर चौंहान , जिला समन्वयक आदर्श श्रीवास्तव तिन सदस्यी टिम गठित कर एक सप्ताह में जाँच कर रिपोर्ट सौंपने की आदेश कापी मिलने पर ही माने और धरना प्रदर्शन समाप्त करते हुए चेताया की जाँच मेंलिपापोती न हो जिसके लिए सभी आरोपियो को निलंबित कर जाँच से पृथक रखा जाए ताकी जाँच प्रभावित न हो अगर लिपापोती हुए तो सड़क पर ऊतरकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दिया गया । आंदोलन में प्रमुख रूप से शिवसेना जिलाध्यक्ष संतोष यदु के साथ जिला महासचिव मनहरण साहु , भीखम यदु , जिला सचिव ओमकार वर्मा , मुकेश साहु , ईश्वर प्रसाद निषाद , जिला प्रवक्ता अधिवक्ता दिनबंधु देवाँगन , जिला उपाध्यक्ष राजेश ध्रतलहरे , मनोज यदु , विधानसभा अध्यक्ष रामेश्वर जांगड़े , जिला कार्यकारणी सदस्य गंगोत्री साहु , लोकेश्वरी चौहान , रामसिंग सोनवानी , भुपेन्द्र मानिकपुरी , गिरजा यादव , ब्लाँक अध्यक्ष बलौदा विशाल महिलांगे , भाटापारा ब्लाँक अध्यक्ष नोहर पाल , सिमगा ब्लाँक अध्यक्ष प्रकाश पाल , पलारी ब्लाँक अध्यक्ष संतोष नवरंगे ,कसड़ोल ब्लाँक अध्यक्ष मुकेश कुमार साहु , उपाध्यक्ष , अमित साहु , टिकाराम पाल , शंकर ध्रुव , मोनु मुंद्रे , राजेन्द्र वर्मा , केशव साहु , नेतराम , भाटापारा नगर अध्यक्ष सुरज कारिया , प्रतिक राव , सुर्यप्रताप साहु , परमेश्वर यादव , लोमेश , उमंग दास , राजा यादव , राहुल यादव , किशन दास , राजु दास , विक्की निषाद , जानकी साहु , खेलन साहु , दिपक साहु , दुर्गेश साहु , रानी निषाद , बबलु मिरी ,शुभम मानिकपुरी , राजकुमार बांधे , अर्जन सेन , भागवत सेन , पिड़ित हतग्राही यशवंत साहु , देवलाल कुर्रे , दयाराम धिवर , जुड़ावन धिवर , निरा कुर्रे ,एवं गुलशन सेन , अजय चौहान , अनिल मसिह , संजय सौंरा , रवि सौंरा , गणेश सौंरा मनहरण निषाद , नेतराम निषाद , तिलक साहु , छबिराम वर्मा , लक्ष्मी वर्मा , एवं सैंकड़ो शिवसैनिक शामिल हुए।

