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लंबित भू-अर्जन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें-कलेक्टर

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  • कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

बलरामपुर :  कलेक्टर श्याम धावड़े ने संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्याें की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने जिले में विभाग के लघु, मध्यम एवं वृहद परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए सिंचित क्षेत्र, जल भराव की स्थिति तथा नये निर्माणाधीन परियोजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिये। विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं जैसे खुटपाली, खापरनाला, कोचली, सकेतवा, डौरा जलाशय, सूर्या नाला, दातरम जलाशय के बारे में जानकारी देते हुए जिले को होने वाले लाभ के संबंध में अवगत कराया। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने विभिन्न परियोजनाओं के बारे में चर्चा करते हुए रबी एवं खरीफ फसल के लिए सिंचित रकबे की जानकारी ली। कार्यपालन अभियंता जल संसाधन ने जिले के विभिन्न निर्माणाधीन, सर्वेक्षित, प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी दी। साथ ही निर्माणाधीन योजनाओं द्वारा खरीफ एवं रबी के सिंचाई रकबे में होने वाली वृद्धि तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने के समय-सीमा के बारे में बताया। प्रस्तावित नई सिंचाई योजनाओं के बारे में बताते हुए अनुमानित लागत की जानकारी दी। कार्यपालन अभियंता ने 2019-20 में रबी एवं खरीफ फसल की वास्तविक सिंचाई तथा खरीफ वर्ष 2020 के प्राप्त लक्ष्य के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने जलाशय, व्यपवर्तन तथा एनीकट योजनाओं के बारे में चर्चा करते हुए इनमें मछली पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ली। उन्होंने जनपद के माध्यम से मछुआरा समितियों को विभिन्न योजनाओं में मछली पालन की अनुमति देने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति होगी। कलेक्टर श्री धावड़े ने विभाग के विभिन्न योजनाओं के लिए किये गये भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी एक महीने के भीतर भू-अर्जन के पश्चात मुआवजा प्राप्त कर चुके भू-स्वामियों के भूमि को राजस्व अभिलेख में छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग के पक्ष में इन्द्राज की जाये। जो भू-अर्जन प्रकरण निराकृत होकर अवार्ड हो चुके हैं, किन्तु मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गई है, ऐसे प्रकरणों की सूची आगामी समय-सीमा की बैठक में उपलब्ध कराएं। लंबित भू-अर्जन प्रकरणों की विभागीय प्रक्रिया पूरी कर भू-अर्जन अधिकारी को 15 दिनों के भीतर जानकारी प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने भू-अर्जन प्रकरणों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी तथा नियम अधिकारियों के साथ साझा की एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भू-अर्जन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। उन्होंने विभाग के उप-अभियंताओं से संबद्ध विभिन्न व्यपर्तन योजनाओं, जलाशयों तथा तालाबों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखते हुए पूर्ण करने को कहा। निर्माण कार्यों में संलग्न एजेन्सियों, ठेकेदारों से संबंधित कोई समस्या है तो आवश्यक कार्यवाही कर पुनः निविदा प्रक्रिया पश्चात कर कार्य प्रारंभ करवाएं। उन्होंने वन विभाग से संबंधित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए विभागीय अधिकारी से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त उपरान्त कार्य प्रारंभ करें। इसके साथ ही बैठक में कलेक्टर ने राज्य आपदा मोचन बल से संबंधित कार्यों की समीक्षा भी की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरीश एस., अपर कलेक्टर श्री विजय कुमार कुजूर सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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