स्वपनिल तिवारी/पिथौरा : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पंचायती राज सम्मेलन ने की गयी घोषणाओं से पंचायत राज की मजबूती में कांग्रेस सरकार में एक और कदम बढ़ाया है।यह साबित हो गया है कि सत्ता के विकेंद्री करण की प्रबल हिमायती कांग्रेस पार्टी ही है छत्तीसगढ़ के पंचायत पदाधिकारियो को अधिकार सम्पन्न बनाकर मुख्यमंत्री जी ने पंचायतो के सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया हैं।
*उपरोक्त बातें जिला पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष उषा पटेल ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कही।उन्होंने कहा कि गांवों की बहुतायत वाले भारत देश में गांवो की तरक्की का सपना महात्मा गांधी ने देखा था। स्वतन्त्र भारत मे पंचायती राज लागू करने का स्वप्न्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देखा।जिसे तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 1993 में पूरा करते हुए पूरे देश मे एक साथ पंचायती राज लागू किया* । *पंचायत प्रतिनिधियों में तब से अपने अधिकारों को लेकर एक छटपटाहट सी थी। जिसे सवेंदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने भली भांति समझा।और पंचायत पदाधिकारियो को सक्तियो से लैस कर दिया।
*जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पंच से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक के मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए जनपद व जिला सदस्यों व पदाधिकारियो के लिए विकास निधि की स्थापना कर हमारे मान सम्मान में वृद्धि की गयी है। अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों में समन्वय व संतुलन स्थापित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाते हुए गोपनीय चरित्रावली (सी. आर.) में अभिमत प्रस्तुत करने का अधिकार दिया साथ ही राज्य बजट वाली योजनाओं की नोट शीट जिला व जनपद अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत करने से वित्तीय मामलों में शक्तियां बढ़ेगी।
*जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल ने कहा कि पंचायती राज कांग्रेस पार्टी ने लागू किया। अब कांग्रेस पार्टी ही उसकी मजबूती की दिशा में काम कर रही हैं। उशको पुरानी पंचायत पदाधिकारियो की मांग को मुख्यमंत्री ने एक ही झटके में पूरा कर राजीव गांधी के सपनो के पंचायती राज की मजबूती की दिशा में मील का पत्थर स्थापित किया हैं। निः संदेह पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह और उमंग का माहौल है*।

