रायगढ़ : जिंदगी तो बस अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर जनाजे उठा करते हैं…, यह लाइनें मणिपुर में हुए उग्रवादी हमले में शहीद कमांडेंट विप्लव त्रिपाठी के 6 साल के बेटे अवीर की हैं। अवीर ने स्कूल में इसी साल हुए गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में इन पंक्तियों को मंच से गर्व के साथ कहा था। जो जज्बा शहीद कमांडेंट विप्लव त्रिपाठी में था, वही उनके बेटे के अंदर भी था। या यूं कहे कि परिवार की विरासत को वह इसके जरिए आगे बढ़ा रहे थे।
उग्रवादी हमले में कमांडेंट की शहादत के साथ ही उनकी पत्नी अनुजा शुक्ला (37) और 6 साल के बेटे अवीर त्रिपाठी की भी मौत हो गई है। तीनों को आज रायगढ़ में अंतिम विदाई दी जाएगी। इससे पहले अवीर का एक वीडियो वायरल है। यह वीडियो 26 जनवरी को स्कूल में हुई फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का है। भगत सिंह के किरदार में अवीर मंच से कहते हैं कि ‘जिंदगी तो बस अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो जनाजे उठते हैं…इंकलाब जिंदाबाद’।
छोटी सी उम्र में अवीर का आत्म विश्वास से भरा यह संवाद उनके हौंसले को भी दिखाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देश के प्रति अवीर के जज्बे को दिखाता है। कमांडेंट विप्लव त्रिपाठी जब परिवार के साथ लौट रहे थे, तभी 13 नवंबर को घात लगाए उग्रवादियों ने IED ब्लास्ट कर उनकी गाड़ी को उड़ा दिया था। कमांडेंट विप्लव त्रिपाठी के छोटे भाई अनय त्रिपाठी असम राइफल्स में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं।

