कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : 14अक्टूबर1956 को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने नागपुर की दीक्षा भूमि पर अशोक विजय दशमी के 2500 वर्ष पूरे होने पर बौद्ध धम्वम एवं 22 प्रतिज्ञा अपने 10 लाख अनुयाइयों के साथ लिए । और समाज में फैले कुरीतियों , पाखंडवाद , और अंधविश्वास से अपने बहुजन समाज को बाहर निकाले । जिससे कि सभी बहुजन समाज आर्थिक, सामाजिक, और मानसिक विकास कर अपने जीवन को बेहतर बनाए । ठिक उसी तरह मनोज बौद्ध, राजा नंदीश्वर, प्रज्ञा मेश्राम एवं आनंद मित्र मंडल बिलासपुर द्वारा पंचशील कॉलोनी यदुनंदन नगर तीफरा में हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 14 अक्टूबर धम्म चक्क प्रवर्तन दिवस का कार्यक्रम संध्या 6 बजे आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम तथागत बुद्ध एवं बाबासाहेब अम्बेडकर की छायाचित्र में माल्यार्पण एवं बुद्ध वंदना ग्रहण कर शुरुवात की गयी। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता आयुष्मान हरीश वाहने जी, महिपाल सिंह बौद्ध जी सारंग राव हूमने जी, लोकेश उके जी एवं देवेन्द्र मोटघरे जी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों द्वारा आज के दिन के महत्ता पर प्रकाश डाला गया तत्पश्चात नृत्य प्रतियोगिता में छोटे छोटे बच्चों द्वारा आकर्षिक प्रस्तुति दी गयी। प्रथम पुरस्कार (1000 राशि) पायल साहू, शारदा चौहान, सरस्वती बंजारे, द्वितीय पुरस्कार (700 की राशि) प्राची सहारे, तनु मेश्राम, प्रतीक्षा रामटेक, सृष्टि सिंगाढे एवं तृतीय पुरस्कार (500 की राशि) मनस्वी बौद्ध, और रितिका मेश्राम को दिया गया। सभी पुरस्कार मनोज बौद्ध के पिता श्री दिवंगत भाऊदास बौद्ध जी के स्मृति में दिया गया एवं बाकी सभी प्रतिभागियों को मनोज बौद्ध जी के द्वारा सांत्वना पुरस्कार दिया गया। अंत मे सामुहिक भोजन के साथ मंच का संचालन प्रज्ञा मेश्राम, राजा नंदीश्वर एवं राहुल बौद्ध ने किया।
आनंद मित्र मंडल पंचशील कॉलोनी मे धम्म चक्क प्रवर्तन दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ

