जांजगीर। नवरात्र: नवरात्र की अष्टमी तिथि पर बुधवार को देवी मंदिरों में और पंडालों में विशेष हवन-पूजन जारी है। नवरात्र के पर्व पर नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना की जाती है। बिलासपुर में पूजन को लेकर धूम मची है। शारदीय नवरात्र पर मां मनका दाई खोखरा सहित जिले के सभी देवी मंदिरों में श्रद्घालुओं के द्वारा मनोकामना जोत प्रज्वलित की गई है, वहीं गांव गांव तथा शहरों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना कर आराधना की जा रही है।
आराधना का क्रम महाअष्टमी के हवन-पूजन के उपरांत संपन्ना होता है। इसके बाद नवमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन एवं श्रद्घालुओं के द्वारा जलाई गई मनोकामना जोत का भी विसर्जन किया जाता है। गांव-गांव तथा देवी मंदिरों में मां दुर्गा की आराधना जस गीत व मादर की थाप पर किए जाने की परंपरा है।
मां मनका दाई मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्र में अष्टमी की पूजन का विशेष महत्व है। हवन में शामिल होने मात्र से सभी दुख संताप मिट जाते हैं। शहर के सभी देवी मंदिरों और पंडालों में भक्तों का तांता लगा रहा। भक्त कोविड-19 नियमों का पालन करते दिखे। कई पंडालों में मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की गई थी। रतनपुर मां महामाया मंदिर में सुबह से भक्त पहुंचे।
यहां इस साल 22 हजार 500 मनोकामना ज्योति प्रज्जवलित है। इसमें 2600 घृत एवं 18300 तेज व 1600 आजीवन घृत व तेज वाले ज्योति कलश हैं। यहां 14 अक्टूबर तक इंद्रधनुषी महोत्सव भी मनाया जा रहा है। शहर के तिफरा स्थित काली मंदिर, लिंक रोड स्थित संतोषी मंदिर, सरकंडा मां बगलामुखी, दयालबंद दुर्गा मंदिर सहित अन्य सभी देवी मंदिरों में आकर्षक लाइन के साथ विशेष साज सज्जा किया गया है।

