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48 घंटे की चेतावनी, वापस नहीं हुए हड़ताली कर्मचारी … तो की जायेगी दण्डात्मक कार्यवाही

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  • सीएमएचओ ने हड़ताली कर्मचारियों को 24 घण्टे की दी मोहलत

सूरजपुर: जिले से 448 एनएचएम स्वास्थ्य कर्मी 19 सितम्बर 2020 से अनिश्चितकालीन हडताल पर हैं, जबकि वर्तमान में कोविड -19 संक्रमण के प्रसार की रोकथाम हेतु राज्य एंव जिला स्तर पर निरंतर अत्यावश्यक कार्य संपादित किये जा रहे हैं। ऐसे समय में कर्मीयों के हडताल पर जाने से अत्यावश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एंव गतिविधियों के संपादन में बाधा उत्पन्न हुई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर.एस.सिंह ने हडताली कर्मचारियों को पत्र जारी किया है जिसमें बताया है कि कोविड -19 संक्रमण को देखते हुए छ.ग. शासन गृह विभाग महानदी भवन मंत्रालय नवा रायपुर अटल नगर के आदेश के द्वारा राज्य में छ.ग. अत्यावश्यक सेवा साधारण तथा विछिन्ता निवारण अधिनियम 1979 लागु किया गया है , एंव इनके अर्तगत अत्यावश्यक सेवाओं में स्वास्थ्य संबंधी सेवायें शामिल है इसमें कार्य करने से इन्कार किये जाने को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। एस्मा अधिनियम कि कण्डिका 5 का उल्लघंन किये जाने की स्थिति में कण्डिका 7 ( 1 ) के दण्डात्मक कार्यवाही का प्रावधान भी है। साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के तहत् बाधा उत्पन्न करने के लिए दण्ड एंव धारा 56 के तहत् कर्तव्य पालन में अधिकारी की विफलता अथवा उलघ्ंान किये जाने पर दण्डात्मक कार्यवाही का प्रावधान है। कोविड -19 जैसी वैश्विक महामारी के नियंत्रण के लिए शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पालन में विफल रहना अथवा बाधा उपस्थित करना छ.ग. एपिडेमिक डिसीज कोविड -19 रेगुलेशन्स 2020 की कंडिका 14 के अनुसार एंव भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत् दण्डनीय अपराध है। एन.एच.एम. कर्मचारी 19 सितम्बर 2020 को हडताल पर जाने के कारण अपने कर्तव्य पर उपस्थित नही हुए हैं, इस वजह से कोविड -19 जैसी वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर किये जा रहे प्रयासों में बाधा पहुंची है । जिस कारण पत्र के माध्यम से समस्त ह?ताली कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। यदि ह?ताली 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर समान्य रूप से कार्य निष्पादित नही करते हैं तब उनके विरूद्ध के विरूद्ध पत्र में उल्लेखित चार में से कोई एक या एक से अधिक विकल्पों को प्रभावशील किया जावेगा। जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नियुक्ति एवं सेवा शर्तों में उल्लेखित कंडिकाओं के उल्लंघन करने के कंडिकाओ के उल्लंघन करने के कारण कर्मचारियों के विरूद्ध सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जावेगी। छ0 ग0 अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 ( क्रमांक 10 सन् 1979 ) के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जायेगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 एंव 56 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत् कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जावेगा। छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसिज कोविड -19 रेगुलेशन्स 2020 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत् कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जावेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह ने बताया है कि पत्र के माध्यम से ह?ताली कर्मचारियों को अवगत कराया गया है कि कर्मचारियों द्वारा उक्त अवधि के भीतर अपने कर्तब्य पर उपस्थित होकर समान्य रुप से कार्य निष्पादन नहीं किया जाता है तो इस दशा में उनके विरुद्ध उपरोक्तानुशार की जाने वाली कार्यवाही व कार्यवाहीयों के लिए वे स्वत: जिम्मेदार होंगें।

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