बागबाहर : साठ वर्षीय राजेन्द्र कुमार पांढरे शासकीय प्राथमिक विद्यालय सुअरमार बन्धापार में 33 वर्ष से प्रधान पाठक है। कोरोनाकाल में लंबे समय तक विद्यालय बंद होने और अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्राम में मोबाइल की अनुपलब्धता के कारण वर्चुल क्लास सफल नही हुई। उन्होंने शिक्षक विजय शर्मा द्वारा संचालित लाउडस्पीकर क्लास अच्छी लगी,उनके साथ मिलकर सुअरमार में सर्वेक्षण कर समुदाय से बैठक कर अपने अपने पारा में अपने बीच के वालिंटियर तैयार कर कक्षा संचालन शुरू किया। लोगो की मदद से बन्धापार में पांच केंद्र में 79 बच्चों को पंजीकृत किया। सरपंच मनोज चन्द्राकर की सहायता से स्टेशनरी आदि की व्यवस्था की गई। वालेंटियर के लिए पूर्व भागीदारी शिक्षक नरेंद्र टण्डन,दुर्गा ओंगरे,हेमलता विश्वकर्मा, टोकेश प्रजापति, खेमराज टण्डन,डोमन टण्डन,कु टण्डन ने लाउडस्पीकर की आवाज से कक्षा संचालित कर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया।राज्य द्वारा आयोजित बेबिनार का लाउडस्पीकर से सीधा प्रसारण किया। पांढरे जी प्रतिदिन लाउडस्पीकर केंद्र से कक्षा 1ली से 5वी के बच्चों को रेडियो प्रसारण विधि से निरन्तर 10 से 11 बजे तक कक्षा लेते हैं उनके कक्षा से सिर्फ बच्चे ही नही अपितु आम लोग लाउडस्पीकर से ज्ञान हासिल करते हैं। इन्होंने अपनी परवाह किये बगैर बच्चों के लिए निरन्तर मार्गदर्शन,मॉनिटरिंग, भारी बरसात में भी करते हुए 90 दिन की कक्षा पूरी की ।
साठ वर्षीय प्रधानपाठक राजेन्द्र कुमार पांढरे ले रहे कक्षा

