रायपुर वॉच

अब आश्रम-छात्रावास भी होंगे अनलॉक, सरकार ने दिए मरम्मत और साफ-सफाई के निर्देश

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने के बाद जल्दी ही आश्रम और हॉस्टल भी पूरी तरह खोल दिए जाएंगे। आदिवासी विकास विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने छात्रावास और आश्रमों को खोलने से पहले उनकी मरम्मत और साफ-सफाई का निर्देश जारी किया है। कोरोना प्रतिबंधों की वजह से यह आवासीय शिक्षण संस्थान पिछले साल से ही बंद पड़े हैं। आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने बताया, छात्रावास-आश्रमों को खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बस्तर क्षेत्र में यह सबसे पहले शुरू हुई है। जल्दी ही पूरे प्रदेश में इन संस्थाओं को खोल दिया जाएगा। इधर, आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह ने सभी कलेक्टरों को आश्रम-छात्रावास खोलने से पहले जरूरी मरम्मत और साफ-सफाई का काम कराने का निर्देश दिया है। विभाग की ओर से कहा गया है, कोरोना काल में जिन आश्रम-छात्रावासों को कोविड केयर सेंटर और क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया था, उनको सैनिटाइज कराया जाए।

संस्थाओं के नियमित संचालन के लिए कलेक्टरों से जिला स्तर के अधिकारियों का निरीक्षण रोस्टर तैयार कर जवाबदारी देने को कहा है। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग के लिए तैयार किए गए निरीक्षण का क्रॉस चेकिंग भी कराने के भी निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ में स्कूलों में कक्षाओं का संचालन 2 अगस्त से ही शुरू हो चुका है। इस दौरान 50 प्रतिशत उपस्थिति का ही प्रावधान है। विभाग की ओर से कहा गया है, आश्रम-छात्रावासों के संचालन के दौरान भी विद्यार्थियों और वहां काम करने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों पर कोरोना प्रतिबंध लागू रहेंगे। मास्क का उपयोग, हैंड सैनिटाइजेशन और शारीरिक दूरी का पालन अनिवार्य होगा। मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा, यहां भी कोरोना की रेंडम जांच जारी रहेगी। इसमें हम कोई लापरवाही बरतने नहीं जा रहे हैं।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों को पढ़ाई के साथ आवासीय सुविधा देने के लिए प्रदेश भर में 3 हजार 278 आश्रम और छात्रावास बने हैं। इनमें करीब 2 लाख विद्यार्थी रहते हैं। यहां छात्रावासों की संख्या 2हजार 52 और आश्रमों की संख्या 1 हजार 226 है। इनका संचालन आदिम जाति विकास विभाग करता है। सितंबर की शुरुआत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजमेरगढ़ और अमरकंटक गए थे। इस दौरान उन्होंने एक बैगा आदिवासी स्कूली छात्रा सरस्वती के आग्रह पर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के आश्रम-छात्रावासों को प्रारंभ करने की घोषणा की। तवाडबरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान सरस्वती बैगा ने मुख्यमंत्री से कहा कि स्कूल खुल गए हैं, लेकिन आश्रम-छात्रावास नहीं खुलने से वह अपने स्कूल नहीं जा पा रही है। सरस्वती ने गौरेला के ज्योतिपुर स्थित छात्रावास प्रारंभ कराने का आग्रह किया। अगले दिन जिला प्रशासन ने सभी छात्रावासों को खोलने के निर्देश जारी कर दिए।

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