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अटल सुरंग: 10 साल में बनकर तैयार हुई दुनिया की सबसे लंबी सुरंग

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मनाली : चीन से तनाव के बीच मनाली से लेह को जोड़ने वाली दुनिया की सबसे लंबी अटल सुरंग 10 वर्षों में बनकर तैयार हो गई है। चर्चा है कि सुरंग के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने मनाली आ सकते हैं। हालांकि अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तब तक बात करते हैं इस सुरंग की खासियत के बारे में। अटल सुरंग 10,000 फीट से ज्यादा लंबी है। इससे मनाली और लेह के बीच के सफर की 46 किमी दूरी घटेगी। इस सुरंग पर तेजी से काम चल रहा था। हालांकि इस सुरंग के निर्माण में निर्धारित समय से 4 साल का अतिरिक्त वक्त लगा है। पहले इस सुरंग का निर्माण 6 साल में पूरा होना तय किया था। कोरोना के चलते भी इसका काम थोड़े समय के लिए रुका था।

हर 60 मीटर में सीसीटीवी, 500 मीटर पर एग्जिट पॉइंट
चीफ इंजिनियर केपी पुरुषोथमन ने बताया, ‘मनाली से लेह को जोड़ने वाली अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल है। इसमें हर 60 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी लगे हैं। साथ ही सुरंग के अंदर हर 500 मीटर की दूरी पर इमर्जेंसी एग्जिट भी बनाए गए हैं। इस सुरंग की बदौलत मनाली से लेह के बीच की दूरी 46 किमी तक कम हो जाएगी जिससे आवाजाही 4 घंटे के समय की बचत होगी’

सुरंग के अंदर लगे हैं फायर हाइड्रेंट
सुरंग के अंदर फायर हाइड्रेंट भी लगाए गए हैं जिससे किसी प्रकार की अनहोनी में इसका इस्तेमाल किया जा सके। केपी पुरुषोथमन ने बताया, ‘सुरंग के निर्माण के वक्त संसाधनों के इंडक्शन और डीइंडक्शन करना काफी मुश्किल रहा। हमने कई तरह की चुनौतियों का सामना किया लेकिन टीम वर्क के जरिए हम निर्माण पूरा करने में सफल रहे।’

जान लीजिए सुरंग की लंबाई-चौड़ाई
सुरंग की चौड़ाई 10.5 मीटर है। इसमें दोनों ओर 1-1 मीटर के फुटपाथ भी बनाए गए हैं। अटल टनल प्रॉजेक्ट के डायरेक्टर कर्नल परीक्षित मेहरा ने कहा कि टीम में काम कर रहे कई एक्सपर्ट की राय थी कि सुरंग के एलाइनमेंट में बदलाव किया जाए। उन्होंने बताया,’लेह को जोड़ने के लिए यह हमारा सपना था और यह कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में पहला कदम था। यह सुरंग एक चुनौतीपूर्ण परियोजना थी, क्योंकि हम केवल दो छोर से काम कर रहे थे। दूसरा छोर रोहतांग पास में उत्तर में था। एक साल में सिर्फ पांच महीने ही काम हो पाता था।’

पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
चर्चा है कि सुरंग के उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को मनाली आ सकते हैं। पीएम के कार्यक्रम की तैयारियां हो रही हैं हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पहले पीएम माेदी के 29 सितंबर को मनाली आने की उम्‍मीद जाहिर की जा रही थी। पीएम के आने की तैयारियों का जायजा लेने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एडीजी अनिल कुमार मनाली पहुंचे।

वाजपेयी सरकार में हुई थी घोषणा
सुरंग पूरी होने पर सभी मौसम में लाहौल और स्पीति घाटी के सुदूर के क्षेत्रों में संपर्क आसान होगा। रोहतांग दर्रे के नीचे सुरंग बनाए जाने का ऐतिहासिक फैसला तीन जून 2000 को लिया गया था जब वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। सुंरग के दक्षिणी हिस्‍से को जोड़ने वाली सड़क की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी। कुल 8.8 किलोमीटर लंबी यह सुरंग 3000 मीटर की ऊंचाई पर बनाई गई दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है।

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