दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन 25 सांसदों सहित 56 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। सांसदों के अलावा इनमें लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी और मीडियाकर्मी शामिल हैं। संक्रमित सांसदों में 17 लोकसभा और आठ राज्यसभा के हैं। इन सभी संक्रमित सांसदों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही में 359 सदस्यों ने हिस्सा लिया। पहली बार लोकसभा की कार्यवाही में प्रश्नकाल नहीं हुआ। विपक्ष ने हंगामा करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सांसदों को अपनी सीट पर बैठकर बोलने की मंजूरी दी। चार घंटे की कार्यवाही में सभी सांसदों ने बैठकर सवाल-जवाब किए। सभी सांसद मास्क और दस्ताने पहने नजर आए। दो गज की दूरी बनाकर सांसद बैठे थे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, प्रश्नकाल सदन की कार्यवाही का अहम हिस्सा है। यह गोल्डन ऑवर्स है, लेकिन आप कह रहे हैं कि विशेष परिस्थितियों की वजह से इसे नहीं करा सकते हैं। दरअसल, आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार ने हमारे सवाल पूछने का अधिकार छीन लिया है। इस पर सरकार की ओर से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रश्नकाल के मुद्दे पर सरकार का बचाव करते हुए कहा कि असाधारण परिस्थितियों में संसद की कार्यवाही हमको करनी पड़ रही है।
मीनाक्षी लेखी, अनंत कुमार हेगड़े, प्रवेश साहिब सिंह और रीता बहुगुणा जोशी चपेट में
लोकसभा के 17 संक्रमित सांसदों में से 12 भाजपा व दो वाईएसआर कांग्रेस के सांसद हैं। वहीं, शिवसेना, डीएमके और आरएलपी से एक-एक सांसद कोरोना संक्रमित पाया गया है। भाजपा के मंत्री सुरेश अंगड़ी, मीनाक्षी लेखी, अनंत कुमार हेगड़े, प्रवेश साहिब सिंह, रीता बहुगुणा जोशी और कौशल किशोर संक्रमित सांसदों की सूची में शामिल हैं। वहीं, राज्यसभा के संक्रमित सांसदों में कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा और नरनभाई जे रथवा, भाजपा के अशोक गस्ती और अभय भारद्वाज, अन्नाद्रमुक के ए नवनीतकृष्णन, आप के सुशील कुमार गुप्ता और टीआरएस के लक्ष्मीकांत राव और तृणमूल कांग्रेस की शांता क्षेत्री हैं। इनके अलावा राज्यसभा व लोकसभा में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों के के साथ-साथ कई मीडियाकर्मी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। दरअसल, 11 सिंतबर को मानसून सत्र में शामिल होने वाले सभी सांसद व लोगों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए गए थे जिनकी रिपोर्ट 12 सिंतबर को आने के बाद सूची तैयार की गई।
हनुमान बेनीवाल फिर संक्रमित, जांच पर उठाए सवाल
राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल फिर कोरोना संक्रमित मिले हैं। उन्होंने जांच को लेकर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, मैंने लोकसभा परिसर में कोरोना की जांच करवाई जोकि पॉजिटिव आई है। इसके बाद जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल में जांच करवाई जो निगेटिव आई है। दोनों रिपोर्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा, आखिर किस रिपोर्ट को सही माना जाए। एक महीने पहले भी बेनीवाल कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। तब वह जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में 11 दिन तक भर्ती रहे थे।
फिर उपसभापति बने हरिवंश, मोदी बोले-शानदार अंपायर
एनडीए ने राज्यसभा में अपनी ताकत दिखाते हुए विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार को हराते हुए राज्यसभा के उपसभापति के पद पर फिर से कब्जा कर लिया। जदयूनेता हरिवंश नारायण सिंह ध्वनिमत से फिर राज्यसभा के उपसभापति चुन लिए गए। हरिवंश ने विपक्ष की ओर से राजद उम्मीदवार और सांसद मनोज झा को हराया। उपसभापति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो जेपी नड्डा, नरेंद्र तोमर और नरेश गुजराल ने हरिवंश के समर्थन में प्रस्ताव रखा, जबकि कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद, त्रिची शिवा ने मनोज झा के समर्थन में प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा, हरिवंश ने निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही का संचालन किया है। वह एक शानदार अंपायर रहे हैं और आने वाले समय में भी ऐसा ही रहेगा।
गलवां-दिल्ली हिंसा पर कार्यस्थगन प्रस्ताव
पहले दिन कांग्रेस ने पूर्वी लद्दाख से जुड़े एलएसी पर तनाव के बीच गलवां घाटी में बड़ी संख्या में सैनिकों के शहीद होने और माकपा ने दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र पर कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीन ने भारतीय भूभाग में घुसपैठ कर ली है। सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जबकि दिल्ली हिंसा से जुड़े कार्यस्थगन प्रस्ताव में माकपा ने दिल्ली पुलिस पर राजनीतिक दबाव में विपक्ष को परेशान करने का आरोप लगाया। हालांकि, स्पीकर ने इन कार्यस्थगन से जुड़े प्रस्तावों को खारिज कर दिया।
मोदी ने दिया चीन को कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रही तनातनी के बीच मानसून सत्र के पहले दिन चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा, पूरा देश एकजुट होकर सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के साथ खड़ा है। संसद भी एक स्वर में यह संदेश देगी। ऐसा करना संसद की ‘विशेष जिम्मेदारी’ है। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोमवार को मोदी ने कहा, इस समय जब हमारे वीर जवान बड़ी हिम्मत, जज्बे और बुलंद हौसले के साथ दुर्गम पहाड़ियों पर खड़े हैं तब सदन की विशेष जिम्मेदारी बनती है। कुछ समय बाद बर्फबारी और बारिश शुरू हो जाएगी। जिस विश्वास के साथ हमारे सैनिक खड़े हैं, मातृभूमि की रक्षा के लिए डटे हैं, ये सदन भी एक स्वर, एक भाव, एक भावना, एक संकल्प से संदेश देगा कि सदन के साथ पूरा देश जवानों के साथ खड़ा है। पीएम ने कहा, संसद सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी और फैसले होंगे। उन्होंने कहा, यह सत्र विशिष्ट परिस्थितियों में हो रहा है। एक ओर कोरोना वायरस है तो दूसरी ओर कर्तव्य है। मैं सभी सांसदों को बधाई देता हूं कि उन्होंने कर्तव्य का रास्ता चुना।
जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं
पीएम ने कहा, कोरोना महामारी के दौरान हमें पूरी तरह सतर्क रहना है। सभी के लिए दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी है। जब तक दवाई नहीं बन जाती, तब तक ढिलाई नहीं बरतनी। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध हो। हमारे वैज्ञानिक भी इसमें सफल हों और दुनिया में हर किसी को इस संकट से बाहर निकालने में हम कामयाब हों।

