अनीश सोलंकी/छुरा: गरियाबंद जिले के छुरा ब्लाक के जरगांव पंचायत क्षेत्र वासियो ने 09 माह पूर्व अपने ही ग्राम पंचायत जरगांव के वर्तमान सरपंच व पूर्व सरपंच के विरुद्ध मोर्चा खोलकर वर्तमान सरपंच सहित पूर्व सरपंच पर ग्राम पंचायत की योजनाओं में जमकर भ्रस्टाचार करने की शिकायत जनपद पंचायत व जिला पंचायत सहित कलेक्टर से लिखित में कई गई थी जिसके जांच के लिये जनपद सी ई ओ रुचि शर्मा ने जांच दल गठित कर जांच करवाया था जांच में गए जांच गठित दल ने अपने जांच में बड़ा खुलाशा करते हुए बताया था कि वर्तमान सरपंच के रिकार्ड की जांच की गई है जिसमे वर्तमान सरपंच द्वारा शासकीय राशि की जमकर बन्दरबांट की गई है वही जांच दल ने अपने जांच आवेदन में स्पस्ट रूप से लिख दिया है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल के सभी दस्तावेज पंचायत से गायब हो गए है इसलिए पूर्व सरपंच की जांच नही हो पाई है।
अब यहा पर बड़ा सवाल ये है कि अगर वर्तमान सरपंच के खिलाफ भ्रस्टाचार के पुख्ता सबूत है तो अभी तक कार्यवाही क्यु नही हुई जबकि जांच किये हुए 04 से 05 माह बीत चुके है। वही पूर्व सरपंच के 05 वर्ष कार्यकाल का रिकार्ड के साथ बिल बाउचर गायब है तो उसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवानी चाहिए कि आखिर इतनी कीमती कागजात आखिर गई कहा जांच का विषय। आखिर क्या बात है क्यु दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही नही हो पा रहा है पूरे सबूत जांच अधिकारियो द्वारा प्रतिवेदन बनाकर जिला पंचायत को 04 माह पूर्व में दिए जाने के बाद भी दोषियो पर कार्यवाही नही होने से न्यायपालिका से लोगो का विश्वास उठने लगा है।
मामले को लेकर क्या कहते है अधिकारी:-
जनपद पंचायत छुरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी रुचि शर्मा का कहना है कि ग्राम पंचायत जरगांव का जांच रिपोर्ट हमारे द्वारा जांच कराकर जिला पंचायत को भेज दिया गया है अभी तक कार्यवाही क्यु हुई उन्हें नही पता कार्यवाही करना हमारे हाथ मे नही है।

