तापस सन्याल/भिलाई : श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी, भिलाई ने 24 वाॅं स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। ज्ञात हो कि 24 वर्ष पूर्व इसी दिन 5 जुलाई 1997 को महाविद्यालय स्थापित हुआ था। स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
स्थापना दिवस समारोह की मुख्य अतिथि श्री आई. पी. मिश्रा (चेयरमेन, श्री गंगाजली शिक्षण समिति, भिलाई) एवं श्रीमती जया मिश्रा (अध्यक्ष, श्री गंगाजली शिक्षण समिति, भिलाई), विषिष्ट अतिथि श्री योगेष प्रकाष गुप्ता (उद्यमी) थे। इस अवसर पर श्री हरि सेन (वरिष्ठ चित्रकार), श्री कीर्ति माधव व्यास (वरिष्ठ संगीतज्ञ), श्रीमती शैल्जा अनिक (प्राचार्या, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद कालेज आॅफ नर्सिग जुनवानी, भिलाई), डाॅ. सीमा जायसवाल (षास. महाविद्यालय बेमेतरा), डाॅ. शषि कष्यप (षास. कन्या महाविद्यालय दुर्ग), उपस्थित अतिथियों का सम्मान स्वागत महाविद्यालय की निदेशक/प्राचार्या डाॅ. रक्षा सिंह एवं महाविद्यालय के अतिरिक्त निदेशक डाॅं. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने पौधे से किया एवं स्मृति चिन्ह भेट किए।
मुख्य अतिथि श्री आई. पी. मिश्रा (चेयरमेन, श्री गंगाजली शिक्षण समिति, भिलाई) एवं श्रीमती जया मिश्रा (अध्यक्ष, श्री गंगाजली शिक्षण समिति, भिलाई) ने महाविद्यालय के 25वें वर्ष के पर्दापण स्वरूप् महाविद्यालय की प्रगति के प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया।
इस अवसर पर श्री आई. पी. मिश्रा, श्रीमती जया मिश्रा, महाविद्यालय की निदेशक/प्राचार्या डाॅ. रक्षा सिंह, महाविद्यालय के अति. निदेशक डाॅं. जे. दुर्गा प्रसाद राव मंचस्थ थे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन अर्चन से प्रारंभ हुआ।
श्री गंगाजली शिक्षण समिति, भिलाई के चेयरमेन श्री आई.पी. मिश्रा जी ने महाविद्यालय के शुभारंभ से लेकर वर्तमान में हो रहे कार्यक्रम के विषय में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज यह महाविद्यालय अपने र्शीषतम स्थान पर पहुंच चुका है। 80 विद्यार्थियों के एडमिषन से प्रारंभ यह महाविद्यालय आज हजारों की संख्या में विद्यार्थियों को विद्याध्ययन कराने में अग्रसर है। र्शीष मे पहँुचना आसान है लेकिन उस स्थान को कायम रखना बहुत मुष्किल है। अब यहा के सभी स्टाफ की जिम्मेदारी उस र्शीषस्थ स्थान को बनाये रखते हुए और नित नये आयाम को छुने की है। महाविद्यालय की निदेशक/प्राचार्या डाॅ. रक्षा सिंह सहित सभी कर्मचारियों को महाविद्यालय के ष्।ष् ग्रेड आने और 25 वर्ष के पर्दापण पर शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल नेतृत्व की भूरी-भूरी प्रषंसा की।
श्री गंगाजली शिक्षण समिति, भिलाई की अध्यक्ष श्रीमती जया मिश्रा ने कहा की आज का दिवस आप सभी के लिए यादगार है। कहते है कि एक घने वृक्ष के नीचे कुछ भी फल फूल नहीं सकता। लेकिन उसका हिस्सा बन जाये तो उनको आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता। वो ऊचांई के चरम तक पहुच सकते है। बेषक वह उसका हिस्सा बने उसे काटने की कोषिष ना करे। डाॅ. रक्षा सिंह की प्रषंसा करते हुए उन्होने कहा महाविद्यालय को प्रथम पंक्ति में खड़ा करने में उनकी भूमिका बेमिसाल है। अन्य प्राचार्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए और फर्ष से अर्ष तक कैसे जाये इसकी मिसाल कायम करनी चाहिए।
महाविद्यालय की निदेशक/प्राचार्या नें अपने संक्षिप्त उद्बोधन मे कहा कि आज महाविद्यालय अपना 24 स्थापना दिवस मना रहा है कि जिसके लिए सभी स्टाॅफ एवं छात्र बधाई के पात्र है महाविद्यालय के इस प्रगति में सबका योगदान है क्योंकि बिना सबके सहयोग के कोई भी कार्य भलिभांति पूर्ण नहीं किया जा सकता है। इसमें महाविद्यालय के चर्तुथ श्रेणी से लेकर प्रथम श्रेणी तक के स्टाॅफ की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। अतः सभी महाविद्यालय के सफलता के बराबर हकदार है।
महाविद्यालय के अति. निदेशक डाॅ. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाॅफ को बधाई दी और कहा कि हमने पिछले 24 वर्षों में बहुत उतार चढ़ाव देखे है और हर परिस्थिति का सामना करके यहाॅं तक पहुचे है। भविष्य में भी हम सब मिलकर बहुत सी चुनौतियों का सामना करेगे और प्रगति की नई ईबारत लिखेगे।
तत्पश्चात् महाविद्यालय द्वारा गठित चक्रवाहिनी फिटनेस क्लब के प्रावधान अनुसार वर्ष भर साइकिल चलाकर महाविद्यालय आने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन स्वरूप साइकिल प्रदान किया गया, ध्येय था पर्यावरण संरक्षण हेतु साइकिल के प्रयोग को प्रोत्साहित करना।
इसी उद्देष्य की पूर्ति हेतु प्रकाष सायकल स्टोर्स सेक्टर-1 भिलाई के संचालक श्री योगेष प्रकाष गुप्ता द्वारा प्रथम पुरस्कृत सायकल प्रदान करते हुए घोषणा किए की प्रत्येक वर्ष इसी तरह से चक्रवाहिनी क्लब हेतु एक सायकल प्रदान करेंगे।
इस वर्ष प्रथम पुरस्कार श्री आनंद राम वर्मा को तथा द्वितीय पुरस्कार श्री मंटू चक्रवर्ती को दिया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के सदस्यों द्वारा एकल गान, समूह गान, गरबा नृत्य एवं नाटक की प्रस्तुति दी गयी।
उद्घाटन समारोह का संचालन डाॅ. वंदना सिंह, डाॅं सुषमा दुबे एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन प्रो. आषीष सिंह, डाॅ. महेन्द्र शर्मा एवं श्री रविचंद्रन विष्णु तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री गौरव चैहान ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गण, कर्मचारी गण उपस्थित थे।
शीर्ष पर पहुचना सरल लेकिन कायम रखना कठिन: आई.पी. मिश्रा

