किरीट ठक्कर/गरियाबंद। खनिज विभाग की निष्क्रियता के चलते जिले में चल रहे अवैध रेत खनन तथा परिवहन पर कार्यवाही की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के पत्रकारो का धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। जिला बनने के बाद पहली बार प्रशासन की निष्क्रियता के चलते पत्रकारों के धरने पर बैठने से मचे हड़कंप के बाद पिछले माह भर से कुंभकर्णीय नींद में सोये खनिज विभाग के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास हुआ और आनन फानन में मालगांव स्थित रेत घाट पर जाकर ट्रेक्टर निकलने के मार्ग पर 2 से 3 फिट के गड्ढे खोद इतिश्री कर ली । जो कि महज 1 घंटे में किसी भी मशीन से पुनः आने जाने लायक बना दिया जायेगा । धरने पर बैठे पत्रकारों ने रेत भंडारण की जांच एवं अनुज्ञा प्राप्त खदानों में खुदाई हेतु चिन्हित रकबे की जांच की मांग सहित जिले में संचालित अवैध रेत खनन व अवैध रेत परिवहन पर सवाल उठाते हुए कार्यवाही की मांग रखी है । किंतु खनिज विभाग द्वारा खानापूर्ति की कार्यवाही करना विभाग पर सवालिया निशान लगा रहे हैं ।
प्रभारी मंत्री से करेंगे खनिज विभाग के अधिकारी की शिकायत
इस पूरे मामले में खनिज विभाग की भूमिका संदेह के दायरे में है ,पिछले डेढ़ माह से लगातार शिकायत और समाचार प्रकाशन के बाद एक दो छोटी मोटी कार्यवाही तो की गई मगर नदी से रेत निकलने पर कोई रोक नही लगाई गई । आज जब इस मुद्दे को लेकर पत्रकार संघ धरने पर बैठे हैं तो खनिज अधिकारी द्वारा नाम मात्र कार्यवाही कर एक बार फिर ठेकेदारों से अपनी संलिप्तता का परिचय दिया गया है। जिसके कारण पत्रकारों ने आज हुई बैठक में यह निर्णय लिया है कि खनिज विभाग की निष्क्रियता की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत से उनके गरियाबंद आगमन के दौरान की जाएगी ।

