रवि सेन/बागबाहरा: कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ में जिले के प्रभारी मंत्रियों के प्रभार बदले गये है जिसमें अमरजीत भगत (खाद्य एवं संस्कृति मंत्री ) को राजनांदगांव जिला का प्रभारी मंत्री का दायित्व सौंपा गया है । जहाँ आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर दर्शन के लिए प्रथम बार दौरे पर गए मंत्री जी ने जिले में अधिकारियों की बैठक सहित विकास कार्यो का जायजा भी लिया वही प्रभारी मंत्री के प्रथम आगमन पर शोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी खुलकर उड़ाई गई वही छत्तीसगढ़ राज्य के कोरोना योद्धा अमरजीत भगत भी बिना मास्क एवं शोशल डिस्टेंसिंग का पालन किये बगैर मीडिया से मुखातिब होते दिखे । वही मीडियाकर्मियों द्वारा संस्कृति मंत्री से राज्य में शराब पर लगाम न लगने से संस्कृति खराब हो रही है वाले सवाल पूछने पर हँसते हुए आपका सवाल सुनाई ही नही दिया बोलकर चले गए । भाजपा युवा नेता राहुल चन्द्राकर ने कहा कि राज्य के संस्कृति मंत्री का शराब को लगाम लगाने जैसे संवेदनशील सवाल को अनसुना कर मुस्कुराना छत्तीसगढ़ राज्य में शराब बेचवाने वाली सरकार की दोहरे चरित्र वाली नीति को प्रदर्शित करता है । राहुल चन्द्राकर ने कहा कि सत्ता में आने से पूर्व कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद पूर्ण शराब बंदी की जाएगी लेकिन कांग्रेस सरकार द्वारा शराब बंदी की बात तो कोसो दूर है सरकार तो शराब की होम डिलवरी तक देकर अपनी जेब भरने से नही चूक रही है । वही राज्य शासन के संस्कृति मंत्री जैसे ओहदे पर आसीन मंत्री का इन सवालों को अनसुना करना काफी शर्मनाक बात है ।
राहुल चन्द्राकर ने कहा कि राज्य के मुखिया एक ओर कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी में लग कर राज्य के सभी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर लोगो से मास्क लगाने एवं शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रहे है लेकिन अपने ही मंत्रियो को खुली छूट दे रखे है । राहुल चन्द्राकर ने कहा कि राज्य में 15 साल बाद सत्ता का सुख भोग रहे कांग्रेस सरकार के संस्कृति मंत्री अपने नुमाइंदों द्वारा किये जा रहे स्वागत सत्कार में इतने मशगूल हो गए कि उन्हें न ही शोसल डिस्टनिंग का पालन करना दिखा और न ही उन्होंने मास्क पहनना जरूरी समझा है ।
राहुल चन्द्राकर ने कहा कि जिन सभ्यता और संस्कृति की गाथा गढ़ने और गढ़बो नवा छतीसगढ़ की बाते कहने वाले राज्य की कांग्रेस सरकार के , संस्कृति मंत्री ही राज्य में शराब बिक्री से राज्य की संस्कृति खराब होने वाले सवालों को अनसुना कर संस्कृति को खराब करने घर – घर शराब की होम डिलवरी कर रहे है । वही राहुल चन्द्राकर ने सहकारिता विभाग पर भी तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जिनका खुद का सहकारिता विभाग अनियमितताओं से भरा हो उनसे और कैसे जवाब की उम्मीद की जा सकती है मंत्री जी का खुद का विभाग पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है ।

