रवि सेन/बागबाहरा : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिवस के रूप में मनाया । इस मौके पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ग्राम पंचायत बसूलाड़बरी के ग्राम मोहबा में बलिदान दिवस व वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि सभी कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए श्यामाप्रसाद मुखर्जी की फोटो पर फूल चढ़ाए और उनके बलिदानों को याद किया. साथ ही स्कूल प्रांगण में बरगद, पीपल आदि पर्यावरण हेतु महत्वपूर्ण वृक्षारोपण किया गया।
कमलेश तांडे ने अपने उत्बोधन में कहा कि 23 जून 1953 को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी. मुखर्जी जी अनुच्छेद 370 के मुखर विरोधी थे और वे चाहते थे कि कश्मीर पूरी तरह से भारत का हिस्सा बने और कश्मीर में भी भारत के अन्य राज्यों के तरह ही कानून लागू हो. उनका कहना था कि “एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे.”
बीजेपी का आज भी ये प्रमुख नारा है ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है, जो कश्मीर हमारा है, वह सारा का सारा है.’
मोहबा में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मोनिका साहू, अलका नरेश चन्द्राकर,(सभापति जिप.) विनोद दीवान, पिलेश्वर पटेल, दिनेश चन्द्राकर, मयाराम साहू, हेमन्त सिन्हा(सरपंच बसूला डबरी), तुपकबोरा जान्हवी साहू,(सरपंच तुपकबोरा) ज्योति साहू, ममता सोनवानी, हरीश दीवान, मोहित साहू, प्रकाश पटेल, हरीश जगत, रूपेश साहू, प्रितम तन्डवीर, राम मरकाम, दुलेन्द्र साहू, संजू चक्रधारी, वेदप्रकाश, छबि, विष्णु, भुनेश्वर, गोकुल, घनश्याम आदि ग्रामीण मण्डल के प्रमुख भाजपा नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में मोहबा निवासी शामिल हुए।
वही बागबाहरा सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में रवि फरोदिया (अध्यक्ष भाजयुमो बागबाहरा ग्रामीण) ने फलदार पौधों को रोपकर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया रवि फरोदिया ने कहा कि मुखर्जी जी पूरे राष्ट्र को एकजुट करने के लिए धारा 370 के लिए विरोध कर रहे थे ।

