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पंजाब कांग्रेस में मची कलह अब सोनिया गांधी के दरबार पहुंची: सोनिया ने कैप्टन को नहीं दिया मिलने का वक्त, थमाया 18 पॉइंट्स का एजेंडा

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नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मची कलह अब सोनिया गांधी के दरबार में पहुंच गई है। पार्टी के महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि इस संबंध में अब सोनिया गांधी ही फैसला लेंगी। उनकी ओर से पंजाब सरकार और पार्टी में फेरबदल को लेकर 8 से 10 जुलाई तक फैसला लिया जा सकता है। रावत ने कहा कि सोनिया गांधी की ओर से पंजाब को लेकर बनाए गए पैनल ने सीएम कैप्टन अमरिंदर से मुलाकात की है और उन्हें मेनिफेस्टो में किए गए 18 प्रमुख वादों पर काम करने की सलाह दी है।

रावत ने कहा कि पैनल की ओर से सोनिया गांधी को संगठन में बदलाव समेत राजनीतिक मसलों पर रिपोर्ट सौंपी है। उनकी ओर से 10 जुलाई तक फैसला आ सकता है। यही नहीं उन्होंने कहा कि पैनल ने सीएम से कहा है कि वे राज्य में रेत और ट्रांसपोर्ट माफिया के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लें। इसके अलावा शहरी लोगों को 200 यूनिट तक फ्री बिजली दिए जाने पर भी विचार करने को कहा गया है। हरीश रावत ने कहा, ‘हमारे मेनिफेस्टो में बहुत से वादे किए गए थे। इनमें से तमाम वादों को पूरा भी किया गया है। हमने सभी पर चीफ मिनिस्टर से बात की है। कांग्रेस कमिटी की ओर से कुछ मुद्दों को लेकर डेडलाइन दी गई और काम करने को कहा गया है।Ó

राज्य में सक्रिय ड्रग माफिया को लेकर रावत ने कहा कि सरकार ने ऐसे कई लोगों पर एक्शन लिया है। आने वाले दिनों में कुछ और माफियाओं के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली एक बड़ा मुद्दा है। शहरों में इसकी काफी शिकायत होती रही है। कांग्रेस कमिटी ने सीएम से कहा है कि वे शहरों में 200 यूनिट तक फ्री बिजली दिया जाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा दलित छात्रों की स्कॉलरशिप, लोन माफी, अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण के मुद्दों पर आगे बढऩे को कहा गया है। रावत ने कहा कि हमारे मेनिफेस्टो में रेत माफिया के खिलाफ पूरी तरह लगाम कसने की बात कही गई थी। इस पर सीएम का कहना है कि वह इस पर नियंत्रण के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

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