तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : शहर के दो प्रमुख मार्गों के डामरीकरण का कार्य अधूरा हो गया है। क्योंकि आधे निर्माण के बाद ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ है, जिसके चलतें सामान समेटकर ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने स्वीकृत राषि में से फंड नगर पालिका में जारी नहीं किया है। इसी वजह से पालिका भी ठेकेदार को भुगतान नहीं कर पाई है। ऐसे में सड़क निर्माण का पेंच एक बार फिर से फंड के अभाव में फंस गया है। गौरतलब है कि नगरीय प्रषासन मंत्री षिव डहरिया ने सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 82 लाख रूपए की स्वीकृति दी थी। स्वीकृत राषि में से केवल 20 लाख रूपए राज्य सरकार की ओर से जारी हुई है। करीब 8 लाख रूपए निविदा प्रकाषन में खर्च हो गए। पालिका के खातें में 12 लाख रूपए ही बचें है, जबकि ठेकेदार ने गोल बाजार मस्जिद से रेलवे चैक तक पहलें फेज का काम पूरा कर लिया है। इस हिसाब से ठेकेदार को 85-90 लाख रूपए की पहली किष्त में भुगताना होना था। परंतु राज्य से स्वीकृत राषि में से फंड पालिका को अब तक जारी ही नहीं हो पाया है। ऐसे में ठेकेदार ने काम को अधूरा छोड़ सामान समेट लिया है। बताया जा रहा है कि बारिष के बाद ही दूसरें फेज का काम षुरू हो पाएगा। यानी करीब 4 माह तक षहर के लोगों को बड़े-बड़े गड्ढ़ों में हिचकोले खाकर सफर करना ही पड़ेगा। बारिष के बाद षहर के मुख्य मार्ग में सबसें अधिक परेषानी रहती है। इसके बावजूद निर्माण अधूरा ही पड़ा रह गया है।
मापदंड से कम लेयर ही डामर बिछाया- बता दें कि सड़क निर्माण का कार्य टेंडर प्रक्रिया से ही विवादों में रहा है। टेंडर जारी होनें के साल भर बाद ही वर्क आॅर्डर जारी हुआ और महीनें भर पहलें काफी दबाव के बाद जमीनी स्तर पर काम षुरू हो पाया था। लेकिन विपक्ष के आरोप व दबाव के चलतें कई बार काम बंद हुआ। आरोप है कि ठेकेदार निर्धारित मापदंड से कम मोटाई का डामर लेयर बिछा रहा है, इससे सडक की गुणवत्ता के साथ ही सीधे तौर पर समझौता हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष अमित छाबड़ा ने अंतिम भुगतान से पहलें भौतिक सत्यापन की मांग रखी है।
बारिष से ठीक पहलें पुरानें सड़क को उखाड़कर काम किया बंद- मानसून के दस्तक देनें से ठीक पहलें ही ठेकेदार ने दूसरें फेज यानी जैन मंदिर से रेलवे चैक सड़क के डामरीकरण का कार्य षुरू करनें के लिए जेसीबी से पुरानें सड़क की उपरी परत को उखड़ा दिया। इससें अब सड़क चलनें लायक नहीं रही है। वहीं उखाड़नें के बाद जब पालिका ने भुगतान नहीं किया तो सामान समेटकर ठेकेदार गायब हो गया। बारिष के बाद उखड़ी हुई सड़क में परेषानी बढ़ गई है। वाहन हिचकोले खातें हुए निकल रहे है। लोगों का कहना है कि डामर बिछानें से पहलें ही पुरानें सड़क को उखाड़ना था।
14 को परिशद् में जोर-षोर से उठेगा मुद्दा- लंबे समय बाद सोमवार को नगर पालिका सभागृह में परिशद् की बैठक होने वाली है। बैठक में विपक्ष ने सड़क निर्माण के मुद्दें को प्रमुखता के साथ उठानें की तैयारी की है। नेता प्रतिपक्ष अमित छाबड़ा ने भौतिक सत्यापन को लेकर पहलें ही जेडी आॅफिस, मंत्रालय व मंत्री से मुलाकात कर अवगत करा दिया है। खासकर मापदंड के अनुरूप निर्माण नहीं होनें का विशय काफी चर्चा में रहा है। इसलिए इस विशय को लेकर जमकर हंगामा होनें की संभावना है। विपक्ष ने सत्ताधारी दल को सड़क निर्माण के मुद्दें पर घेरनें की पूरी तैयारी कर ली है।
जब टेंडर पूरें निर्माण का लिया तो आधें के बाद बिना सत्यापन के भुगतान क्यों?ः नेता प्रतिपक्ष- बीजेपी के सीनियर पार्शद व नेता प्रतिपक्ष अमित छाबड़ा ने सीधे तौर पर सवाल खड़ा किया है कि जब ठेकेदार ने पूरें सड़क निर्माण का टेंडर लिया है और उसकी जवाबदारी है कि दोनों फेज के सड़क का निर्माण कराएं। तो अधूरें निर्माण के बाद बिना सत्यापन के आधें भुगतान की मांग क्यों की जा रही है? स्वीकृत राषि में से मापदंड के अनुरूप पूर्ण निर्माण के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाना चाहिए। जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विशय पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार से फंड जारी नहीं हुआ हैः इंजीनियर मेहरा- नगर पालिका के सब इंजीनियर विजय मेहरा ने बताया कि राज्य सरकार से स्वीकृत राषि में से फंड पालिका के खातें में जारी नहीं हुआ है। ठेकेदार ने करीब 85-90 लाख रूपए का निर्माण कर लिया है। इसलिए भुगतान की मांग ठेकेदार द्वारा की जा रही है। राज्य सरकार से फंड आनें के बाद ही भुगतान होगा।
फोटो डीजीजी 01 सड़क निर्माण के लिए पुरानें सड़क को उखाड़नें के बाद आवाजाही में परेषानी हो रही।
फंड के अभाव में अधूरा छुटा सड़क निर्माण, पुरानें सड़क उखाड़कर ठेकेदार ने समेटा सामान, पालिका कह रही भेजा गया है डिमांड

