अजय शुक्ला /बेमेतरा : फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन एजेंसी बिलासपुर के द्वारा “जीपीएस डेटा विश्लेषण: जांच का नया दृष्टिकोण” विषय पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य वक्ता एसपी बेमेतरा श्री दिव्यांग पटेल ने जीपीएस डेटा के महत्व को बताया कि कैसे जीपीएस डेटा एनालिसिस के माध्यम से अपराधियों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है जिससे न्याय प्रणाली में भी मदद मिलती है।

एसपी ने एक घटना का जिक्र करते हुए अपना अनुभव बताया कि कैसे पुलिस ने जीपीएस प्रणाली के माध्यम एक बलात्कारी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि बेमेतरा में एक सात वर्षीय नाबालिक बालिका का अपहरण हुआ था घटना रात को 12 से 2 बजे के बीच हुआ था और पुलिस को रात 4 बजे ही परिजनों के माध्यम से सूचना दे दी गई थी तब से पुलिस जांच पड़ताल में लग गई थी। सुबह 6:30 बजे के करीब बेमेतरा रायपुर मुख्य मार्ग पर बालिका के घर से 20 किलोमीटर दूर एक सुनसान इलाके से पुलिस ने सकुशल बालिका को गांव वालो के सहयोग से रिकवर कर लिया गया। जब बालिका से पूछताछ किया गया तो उसने बताया कि किसी ट्रक वाले ने उसके साथ ट्रक में गलत किया है उस आधार पर पुलिस ने बालिका का मेडिकल कराया गया जिसमें रेप की पुष्टि भी हुई। फिर हमने रायपुर बेमेतरा नेशनल हाइवे पर रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक लगभग 200 ट्रक पास हुए थे उन सभी का रिकॉर्ड खंगाला और उनके मालिकों से बात करके उनका जीपीएस डेटा लिया फिर उसका एनालिसिस किया जिसमें हमने पाया कि एक ट्रक जो रात को 12 बजे के करीब बालिका के घर के सामने रात में 5 मिनट तक रुका था और सुबह हमने जहां बालिका के साथ गलत हुआ था और उसे रिकवर किया वहां पर भी वह ट्रक सुबह करीब 6 बजे के करीब आधा घंटा तक रुका था। तब जाकर हमने उस ट्रक वालो को पकड़ा और कड़ाई से पूछताछ किया तब उसने जुर्म कबूल कर लिया। फिर हमने सभी सबूतों को माननीय न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जिसमें न्यायालय ने उसे एक्सपर्ट से जांच कराया और पाया कि यह सही है जिसके आधार पर न्यायालय ने फिर आगे की कार्यवाही करते हुए उस आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
श्री पटेल ने बताया कि जीपीएस डेटा तकनीक के माध्यम से किस प्रकार से कम समय में ही हमें अनसुलझे और सेंसेटिव केस को सुलझाने में मदद मिली उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस जीपीएस डेटा एनालिसिस की मांग बढ़ते ही जाएगी क्योंकि इसमें शतप्रतिशत शुद्धता होती है जो बहुत ही कारगर साबित हो रही है। एजेंसी के डायरेक्टर एवं फोरेंसिक एक्सपर्ट श्री दिपेन्द्र बारमते ने बताया कि हमारी एजेंसी भी वैज्ञानिक अन्वेषण के माध्यम से अपराधियों को कठोर सजा एवं पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने हेतु प्रयासरत है इसी संदर्भ में हमारी एजेंसी प्रभावी रूप से आगे आ रही है। ताकि माननीय न्यायालय को बेहतर निर्णय देने में सुविधा हो।
कार्यक्रम में डीएसपी राम कुमार बर्मन, निरीक्षक राजेश मिश्रा, नाशीर खान, विपिन रंगारी, विनय सोनवानी, जयंत बारीक, श्रद्धा नायक, मनुराज टंडन, सुष्मिता जायसवाल, अविनाश मिंज, मधुरा कुर्वे, उर्वशी मेंढे, अरविंद बंजारे ईशान वर्गीश उपस्थित रहे।

