- नगर निगम चिरमिरी के नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर भ्रष्टाचार की जांच एवं दोषियों पर कार्यवाही की मांग की.
भरत मिश्रा/चिरमिरी/ कोरिया । नगर पालिक निगम चिरमिरी के नेता प्रतिपक्ष संतोष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र प्रेषित कर लॉकडाउन के समय खाद्यान सामग्री वितरण में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है। आपको बता दे कि नगर पालिक निगम चिरमिरी में लाकडाउन में महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल व अधिकारीयों द्वारा खरीदे गये 20 लाख के खाद्यान वितरण में किये गये 10 से 12 लाख रुपये के भ्रष्टाचार के जांच प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी से कराने व आपदा काल में राहत के नाम पर भ्रष्टाचार में शामिल होने वाले महापौर व अधिकारीयों पर अपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग की हैं।
वही नगरपालिक निगम चिरमिरी महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल व आयुक्त द्वारा आपदा काल में राशन वितरण के लिए 20 लाख रुपये के राशन की खरीदी शासकीय नियमों का उल्लंघन करते की गई साथ ही नगरपालिक निगम चिरमिरी के 40 पार्षदों को महापौर व आयुक्त द्वारा प्रति पार्षद 50 पैकेट वितरण की गई । राशन अपने अपने वार्डो में बांटने के लिए दिये गये। इस प्रकार निगम चिरमिरी में 40X50 = 2000 पैकेट बांटे गये जिसकी स्वीकारोक्ति महापौर के द्वारा सोशल मीडिया में भी की गई हैं।
निगम चिरमिरी द्वारा वितरीत किये गये राशन पैकेट जनमानस में चर्चा के अनुसार लगभग 400 रुपये के आसपास होगा। वर्तमान में प्रदान की गई राशन सामग्री को व्यापारी द्वारा 400 रुपये प्रति पैकेट में देने की बात सार्वजनिक तौर पर की गई है । 400X2000 = 8 लाख रुपये होती हैं। इस प्रकार देखा जाये तो निगम चिरमिरी द्वारा 20 लाख रुपये की राशन खरीदी में 40 पार्षद X 50 पैकेट: 2000 पैकेट X 400 प्रति पैकेट राशन 8 लाख रुपये का मात्र राशन वितरित होने से 10 से 12 लाख रुपये का भ्रष्टाचार महापौर व अधिकारीयों द्वारा किये जाने की पुष्टि होती है व जान पड़ता है। आपदा काल में नियम विरुद्ध तरीके से 20 लाख के राशन खरीदी व इसमें से नाममात्र व खानापूर्ति के उद्देश्य से 2000 राशन पैकेट का वितरण किया जाना समझ से परे है । नेता प्रतिपक्ष संतोष कुमार ने खाद्यान सामग्री वितरण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के साथ साथ दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है ।

