भरत मिश्रा/चिरमिरी/कोरिया। एस.ई.सी.एल रीजनल कॉविड केयर सेंटर अस्पताल में कुल बेडो की संख्या है 35 तथा ऑक्सीजन सिलेंडर है 40 जबकि ऑक्सीजन बेड मात्र 6 है, 40 ऑक्सीजन सिलेंडर होने के बाद भी ऑक्सीजन बेड सिर्फ 6 इस वजह से है कि ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाला फ्लो मीटर ( रेगुलेटर) अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इसकी जानकारी मिलने पर सीए नितेश अग्रवाल ने स्वेच्छा से शहर के बाहर से 1 दिन के अंदर 6 फ्लो मीटर मंगवाए और उसे अस्पताल में डोनेट करने की बात कही तो अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टर का कहना है की यह फ्लो मीटर हम जन सामान्य से नहीं ले सकते हैं बल्कि प्रोटोकाल के तहत किसी सरकारी अधिकारी के माध्यम से ही ले सकते हैं। नितेश ने कहा उन तमाम सरकारी अधिकारी को भी इस बात की जानकारी है की यह फ्लो मीटर शहर में डोनेशन के रूप में उपलब्ध है पर इस विषय में कोई चर्चा नहीं की जा रही है। आज जब इस फ्लो मीटर की आवश्यकता कई जगह है और वह फ्लो मीटर 2 दिनों से मेरे पास अनुपयोगी पड़ा है यह जान कर स्वयं से निराश होना स्वाभाविक है कि मैने क्यू इस फ्लो मीटर को मंगाया इससे अच्छा वो और कही किसी मरीज की जिंदगी बचाने में उपयोग में आ जाता। नितेश ने कहा चिरमिरी अस्पताल में मरीजों को “ऑक्सीजन बेड नहीं है”, कहकर अन्यत्र भेज दिया जाता है पर फ्लो मीटर शहर में उपलब्ध होने के बाद भी उसे लेकर अस्पताल में छह ऑक्सीजन बेड बढ़ाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। मरीज की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रोटोकाल है।
पेशेंट की जान ज्यादा जरूरी है या प्रोटोकोल : सीए नितेश

