- जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम एकजुटता व सक्रियता के साथ कर रही है कार्य
- संक्रमितों के पहचान के लिए दूर-दराज के इलाकों तक बनाये गये हैं जाँच केन्द्र
- संक्रमित मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है निःशुल्क दवाईयां
- संक्रमित होने पर लक्षणों के आधार पर लोगों को किया जा रहा है होम आईसोलेट
- कन्ट्रोल रूम के माध्यम से संक्रमितों के स्वास्थ्य पर रखी जा रही है नजर, दिये जा रहे हैं उचित सलाह व मार्गदर्शन
- कोविड संक्रमण से बचाव के लिए तेजी से हो रहा है वैक्सीनेशन, 1 लाख 13 हजार लोगों को लग चुका है टीका
- स्वास्थ्य विभाग के अगुआई में सभी विभागों के अधिकारी कर रहे हैं वैक्सीनेशन में सहयोग
आफ़ताब आलम/बलरामपुर : कोविड-19 संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण तथा संक्रमितों के बेहतर ईलाज के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े के निर्देशन में कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में उचित प्रबंध किये गये हैं तथा उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड जांच, होम आइसोलेशन के दौरान चिकित्सकीय सुविधा व कंट्रोल रूम के माध्यम से संक्रमितों को उचित सलाह तथा मार्गदर्शन, निःशुल्क दवाईयां तथा संक्रमण से बचाव हेतु वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही संक्रमितों के उपचार के लिए सर्वसुविधायुक्त डेडिकेटेड कोविड अस्पताल तथा कोविड केयर सेन्टर भी सुचारू रूप से संचालित है। वैक्सीनेशन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य विभाग का अमला चुनौती भरे इस समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। वैश्विक महामारी के इस कठिन दौर में उनका योगदान अतुलनीय है। स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने तथा उनके शंकाओं को दूर करने में मैदानी अमला अपना काम बखूबी कर रहा है। जाँच से लेकर उपचार तक विभिन्न चरणों में प्रशासन की तैयारियां दुरूस्त हैं तथा हर चरण में स्वास्थ्यकर्मी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। जाँच से लेकर उपचार तक की पूरी प्रक्रिया में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना अनुभव भी साझा किये हैं।
संक्रमितों के पहचान के लिए दूर-दराज के इलाकों तक बनाये गये हैं जाँच केन्द्र
जिला चिकित्सालय बलरामपुर के साथ-साथ प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भी कोरोना के जाँच की व्यवस्था की गई है। लक्षण दिखने पर तत्काल इन केन्द्रों में जाकर कोरोना का जांच कराया जा सकता है। साथ ही जिला चिकित्सालय बलरामपुर में प्रातः 10.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक तथा आपातकालीन परिस्थिति में किसी भी समय जाँच की सुविधा उपलब्ध है। जिला चिकित्सालय में कोविड-19 की जाँच कर रहे लैब टेक्नीशियन चन्द्रजीत डे ने बताया कि लोग लक्षण दिखाई देने पर जाँच करा सकते हैं। इसके अलावा अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों और उनके परिजनों की भी जांच की जा रही हैं। जांच के लिए पहले की अपेक्षा अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है तथा लक्षण दिखाई देने पर लोग तुरन्त जाँच के लिए पहुंच रहे हैं। जाँच के कुछ समय बाद रिपोर्ट आ जाती है और मरीज को पता चल जाता है कि वे संक्रमित है या नहीं। जाँच एक सामान्य प्रक्रिया है लक्षण दिखने पर जाँच से हिचकिचाएं नहीं, समय पर जाँच होने से आसानी से ईलाज संभव है। संक्रमित होने पर लक्षण के अनुरूप मरीजों को होम आइसोलेट अथवा कोविड केयर सेन्टर में भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है। जिले में अब तक 47 हजार 838 आरटीपीसीआर, 1 लाख 15 हजार 336 एंटीजन तथा 16 हजार 549 ट्रू नॉट टेस्ट हो चुके हैं। जिसमें से 7 हजार 717 व्यक्ति कोविड संक्रमित हुए हैं तथा 5 हजार 548 व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ्य हो चुके हैं। वर्तमान में 2 हजार 169 एक्टिव केस हैं जिनका उपचार जारी है।
संक्रमित मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है निःशुल्क दवाईयां
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में फार्मासिस्ट के पद में कार्यरत राहुल गुप्ता ने बताया कि वें पिछले एक वर्ष से संक्रमित मरीजों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप दवाइयां वितरित कर रहे हैं। राहुल बताते हैं कि संक्रमित होने के पश्चात अनुशासित रूप से दवाई लेना महत्वपूर्ण हो जाता है। दवाई वितरण करने के साथ-साथ राहुल उन्हें दवाईयों के सेवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी देते हैं। संक्रमित मरीज से प्राथमिक रूप से सम्पर्क में रहे व्यक्ति जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है उन्हें प्रोफाईलेक्सिस डोज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित होने से डरने-घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि नियमित रूप से दवाईयों का सेवन तथा नियमों के पालन से मरीज आसानी से ठीक हो सकते हैं। बी.पी., शुगर वाले मरीजों को इस दौरान विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है। इस कठिन समय राहुल हंसते-मुस्कुराते अपना काम कर रहें हैं तथा एक जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी के रूप में महामारी से लोगों को बचाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
संक्रमित होने पर लक्षणों के आधार पर लोगों को किया जा रहा है होम आईसोलेट
शासन के निर्देशानुसार सामान्य लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है तथा इस दौरान भी उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। उनके लिए विशेष रूप से कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिन नम्बरों पर फोन कर होम आइसोलेट मरीज सहायता प्राप्त कर सकते हैं। होम आइसोलेशन कन्ट्रोल रूम में पदस्थ डॉ. मधु दीवान ने बताया कि होम आइसोलेट संक्रमित मरीज 24 घण्टे फोन पर किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी होम आइसोलेट मरीजों से सम्पर्क कर उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने के साथ ही उन्हें उचित सलाह भी दी जा रही है। मरीजों को जिस प्रकार की सहायता अथवा सलाह की आवश्यकता होती है उन्हें संबंधित चिकित्सकों से सम्पर्क कराया जाता हैं। जैसे यदि कोई गर्भवती महिला संक्रमित है तो उन्हे डॉ. विनिका भगत से, डायबिटीज व बी.पी. के संक्रमित मरीजों को एमडी मेडिसिन तथा बच्चों के लिए डॉ. लीलाधर से सम्पर्क कराया जाता है। माईल्ड व मोडरेट संक्रमित मरीजों को आरागाही स्थित कोविड केयर सेन्टर तथा गंभीर मरीजों को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में भेजा जाता है। कोविड केयर सेन्टर आरागाही में संक्रमितों की ईलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की सुनिश्चित की गई है। जहां विशेष चिकित्सकिय की देख-रेख में संक्रमितों की ईलाज किया जा रहा है। इसी प्रकार गंभीर मरीजों को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल वाड्रफनगर में उपचार हेतु भेजा जाता है। वर्तमान में जिले में 1774 संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखकर उनकी देखरेख तथा उपचार किया जा रहा है, जिससे मरीज स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कोविड संक्रमण से बचाव के लिए तेजी से हो रहा है वैक्सीनेशन
जिला प्रशासन द्वारा कोविड को नियंत्रित करने के साथ-साथ संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन तथा बचाव के लिए वैक्सीनेशन का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अगुआई में जिले का पूरा प्रशासनिक अमला वैक्सीनेशन के कार्य में सहयोग कर रहा है। जिला स्तरीय कार्यालय प्रमुख विभिन्न ग्राम पंचायतों के नोडल के रूप में जमीनी स्तर पर वैक्सीनेशन कार्य की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कलेक्टर श्री धावड़े ने जिला स्तरीय अधिकारियों को वैश्विक आपदा के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है तथा प्रशासन तक लोगों के पहुंच का दायरा बढ़ाया है। प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में भी लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है और लगातार लोगों को टीका लगाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। जिले में अब तक 1 लाख 13 हजार लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है जो कुल लक्ष्य का लगभग 63 प्रतिशत है। प्रशासन की एकजुटता तथा समन्वित प्रयास से ही कोरोना महामारी को नियंत्रित करने तथा जनमानस को जीवन की रक्षा कर पाना संभव हो पा रहा है। सभी के सहयोग तथा दायित्वों के निर्वहन से ही इस लड़ाई को जीता जा सकता है।

