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पूर्व उप मुख्यमंत्री के बेटे, बहू और पोती की हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा : छोटे भाई ने कब्जा ली थी संपत्ति, बड़े भाई ने सालों के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट, आरोपी की पत्नी ने अपने भाई के साथ मिलकर रची थी साजिश

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रायपुर : कोरबा शहर से लगे हुए भैसमा में बुधवार सुबह करीब 4 बजे अविभाजित मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे स्व. प्यारेलाल कंवर के बेटे हरीश कंवर, हरीश की पत्नी सुमित्रा कंवर और चार साल की बेटी आशी की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। हत्या करने वाला और कोई नहीं हरीश का बड़ा भाई हरभजन कंवर ही है। बताया गया है कि हरीश ने एक साल से संपत्ति पर कब्जा कर रखा था, इस वजह से उनके बीच विवाद चल रहा था। हरभजन की पत्नी ने अपने भाई के साथ मिलकर साजिश रची थी।

पुलिस ने हरीश कंवर के बड़े भाई हरभजन, उसके साले परमेश्वर और सुरेंद्र तथा उसके दोस्त रामप्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरी कहानी सामनेे आ गई। पुलिस ने बताया कि हरभजन की पत्नी धनकौर और उसके भाई परमेश्वर ने साजिश रची थी। हत्या के लिए आज का दिन तय हुआ था। जैसे ही परमेश्वर हरीश के घर के पास पहुंचा तो उसने हरभजन की नाबालिग बेटी को SMS करके इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही हरभजन भी घर से निकला और उसके निकलते ही बेटी ने मामा को SMS किया।

पुलिस सूत्रों के रामप्रसाद के शरीर पर चोट के निशान भी हैं। सीसीटीवी फुटेज में भी ये दोनों दिखे थे। जब पुलिस इनके पास पहुंची तो ये शराब के नशे में थे। जब इन्होंने ने तीनों की जान ली तो हरीश की मां वहीं मौजूद थी। उसने अपनी आंखों से सब कुछ देखा, इसके बाद तीनों आरोपी भाग गए। घटना को अंजाम देेने के बाद परमेश्वर ने अपने कपड़े जलाए और अस्पताल में भर्ती हो गया।

तीन लोग घुसे और सो रहे परिवार पर किए कई वार

घटना की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने कंवर परिवार के मकान को घेर लिया थाा। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। लाशें अंदर ही पड़ी थी। जांच में ये बात सामने आई कि सुबह 4 बजे के आसपास मकान में तीनों घुस आए। इस वक्त हरीश, उनकी पत्नी और बेटी नींद में थे। हमलावरों ने चाकू और हंसिए जैसे हथियारों से तीनों पर कई वार किए, हरीश के चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर कटने के निशान हैं। चंद मिनटों में परिवार काे खत्म कर बदमाश भाग गए।

कौन थे हरीश कंवर

अविभाजित मध्यप्रदेश में आदिवासी नेतृत्व का प्रमुख चेहरा थे स्वर्गीय प्यारेलाल कंवर। कांग्रेस नेता प्यारेलाल कंवर कोरबा जिले की रामपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते रहे। इस विधानसभा से वे और भारतीय जनता पार्टी के ननकीराम कंवर परंपरागत प्रतिद्वंदी रहे। प्यारेलाल कंवर को जातिगत समीकरणों के आधार पर सन 1997-1998 में मध्यप्रदेश का उपमुख्यमंत्री बना दिया गया था। इस समय दिग्विजय सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। बाद में प्यारेलाल कंवर को जबलपुर के मढ़ाताल भूमि घोटाले में पद से हटा दिया गया था। उसके बाद वे सिर्फ एक बार विधायक रहे और फिर राजनीति में हाशिए पर चले गए। हरीश कंवर उन्हीं के छोटे बेटे थे।

हरीश ने शुरुआती दिनों में कांग्रेस की राजनीति में सक्रियता दिखाई लेकिन उन्हें कोई बड़ा पद नहीं मिला। पार्टी में तवज्जो नहीं मिलने के कारण हरीश अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ में चले गए। वहां भी वे कोई बड़ा पद या विधानसभा टिकट हासिल नहीं कर सके। जोगी के निधन के बाद हरीश राजनीति से पूरी तरह अलग हो गए थे और अपने परिवार सहित भैसमा जो उनका पैतृक गांव है वहीं खेती-किसानी करने लगे थे। हरीश की बहन हरेश कंवर अभी कोरबा जनपद अध्यक्ष हैं।

अमित जोगी ने कहा- मैं स्तब्ध हूं

जनता कांग्रेस नेता अमित जोगी ने इस हत्याकांड की खबर सामने आते ही कहा कि कोरबा जिले के रामपुर क्षेत्र के भैंसमा गांव में मेरे छोटे भाई हरीश कंवर, उनकी धर्मपत्नी सुमित्रा और बेटी आशी की दर्दनाक हत्या के समाचार से मैं स्तब्ध हूं। वे बेहद सीधे, सरल और सहज स्वभाव के धनी थे। हम दोनों ने एक साथ राजनीति में प्रवेश किया था। कुदुरमाल में सद्गुरू कबीर साहेब के ऐतिहासिक धरोहर को अवैध ब्लास्टिंग से बचाने और लेमरु में हाथी-उत्पात प्रभावितों की जान बचाने और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने के लिए उन्होंने सफल जनांदोलन किए थे।

राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल सहित कई नेता पहुंचे

सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही अभी छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल समेत कई नेता भैसमा पहुंच गए। SP अभिषेक मीणा सहित कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर हैं। जब प्यारेलाल कंवर अपनी राजनीतिक शीर्ष पर थे तो उन्होंने ही जयसिंंह को कांग्रेस की राजनीति में अवसर दिए थे। जयसिंह ने कहा है कि किसी भी कीमत पर इस वारदात का खुलासा होगा और हत्यारे पकड़े जाएंगे। उन्होंने प्यारेलाल कंवर की पत्नी से भी बात की।

एसपी बोले, आज ही कर देंगे खुलासा

एसपी अभिषेक मीणा का कहना है कि हमें महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, हम आज शाम तक मामले का खुलासा कर देंगे। उन्होंने कहा कि हरीश जमीन खरीद बिक्री का काम भी करते थे। इस मामले से भी जोड़कर हम जांच पड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक रंजिश से हटकर भी मामले की जांच की जा रही है। जिनका डायरेक्ट इन्वॉल्वमेंट है। उनका पता चल गया है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस संबंध में पूछताछ हो रही है।

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