- कंटेनर में देखा गया तो 52 मवेशियां थे, जिसमें 13 मवेशीयांं मर चुके थे बाकी 39 मवेशियां जिंदा थे।
समैया पागे/ बीजापुर : छग की राजधानी रायपुर के आसपास से एक कंटेनर गाड़ी में 52 मवेशियों को भरकर सीमा पार कर मवेशियों को तस्कर तेलंगाना राज्य ले जाया जा रहा था। तब सीमा पर लगी नाका पर सुबह लगभग 6:00 बजे नाका पर चौकीदार चिलम राममूर्ति का पुत्र चिलम अजीत के साथ कुछ और तिमेड के ग्रामीण उस कंटेनर को नाका के पास रोकना चाहा तो ड्राइवर नाका को तोड़ते हुए महाराष्ट्र सीमा में प्रवेश किया उक्त ग्रामीणों ने असरअली फोन कर जानकारी दी। वहां भी ग्रामीणों द्वारा रोकने का प्रयास किया गया लेकिन ड्राइवर साइड से कटकर स्पीड से गाड़ी आगे बढ़ाने में कामयाब हो गया। सिरोचा तहसील के पेटीपाका के ग्रामीणों द्वारा हाईवे पर ट्रैक्टर का केजबिल डालकर रोकना चाहा तो नहीं रोका केजबिल कंटेनर की नीचे फंस कर कुछ दूर रोड पर रगड़ कर जाने से गाड़ी का एक्सेल राड टूट कर कंटेनर रोड के एक ओर उतर गई, जिससे आनन-फानन में ग्रामीणों ने कंटेनर तक पहुंचते तक ड्राइवर उतर कर भाग गया ग्रामीणों द्वारा कंटेनर में देखा गया तो 52 मवेशियों थे, जिसमें 13 मवेशीया मर चुके थे बाकी जिंदा थे यह गाड़ी क्रमांक सीजी 04 जेबी 01 26 हरि ओम रोड लाइंस की गाड़ी थी, जिसकी शिकायत सिरोंचा थाना में दी गई है घटना की पतासाजी की जा रही है। यह पूरी घटना को देखा जाए तो जब मवेशियों को लेकर राजधानी रायपुर के आसपास से कंटेनर आ रही था तो आगे के नाका या चौकियों में क्यों रोक कर जांच नहीं की जा रही थी। इससे पूर्व भी कुछ माह पहले महाराष्ट्र के आसरली में मवेशियों पकड़ा गया था जिससे यह पता चलता है कि छग से बड़े पैमाने में मवेशियों को ले जा रहे हैं। यहां की खुफिया तंत्र को नहीं मालूम होता लेकिन महाराष्ट्र को पता चल जाता है। यह एक विचारनीय बात है जिससे पता चलता है कि यहां की खुफिया तंत्र की खामियां हैं यह बड़े पैमाने पर मिलीभगत से यह गोरखधंधा फल फूल रहा है। एक तरफ छग की भूपेश सरकार नरवा घुरवा गरवा जैसे महत्वपूर्ण योजनाएं बनाकर पशुधन के तहत सरकारी खजाने के लाखों करोड़ों रुपया खर्च कर मवेशियों के लिए गौठान बना रही है। हर किसान से गोबर खरीद कर जैविक खाद तैयार कर रासायनिक खादों का उपयोग को कम करने की प्रयास कर रही हो तो एक और इस प्रकार मवेशियों का बहुत बड़ा तस्करी हो रही है। जब मवेशियों नहीं रही तो इन महत्वपूर्ण योजनाओं का कोई औचित्य ही नहीं है। यह छग राज्य से और भी बहुत से वस्तुओं का जोकि महाराष्ट्र व तेलंगाना ने प्रतिबंध है, उन्हें भी बड़े पैमाने पर सीमा पार से तस्करी की जा रही है, जिसे उचित समय पर प्रतिबंध नहीं लगाने पर या आने वाले समय में एक विकराल रूप धारण कर सकता है।

